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आदेश बेअसर, नहीं बदला समय
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:36 AM IST
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गर्मी से परेशान बच्चे
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भीषण गर्मी को देखते हुए डीएम ने मंगलवार से पहली से 12वीं तक के स्कूलों का समय बदला दिया है लेकिन इसका असर नहीं दिखा। डीएम के आदेश के अनुसार सुबह सात बजे से 11 बजे तक ही पठनपाठन का काम होना है। ऐसे में मंगलवार को चिलचिलाती धूप में बच्चे स्कूल से लौटते दिखे। मंगलवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। इतनी गर्मी में अभिभावकों को डर है कि बच्चे कहीं बीमार न पड़ जाएं। भीषण गर्मी में भी स्कूलों में आने-जाने का समय न बदले जाने से उनमें रोष है।
चैत्र मास में ही भगवान भास्कर के कोप को देख कर लोग सहमे हुए हैं। बड़े- बुजुर्ग घरों से निकलने से पहले कई बार सोच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग की असंवेदनशीलता के चलते स्कूलों का समय नहीं बदलने के कारण बच्चों को तपती धूप में घर लौटना पड़ रहा है। तीखी धूप की तपिश से लाडले बच्चों के चेहरे और शरीर झुलस जा रहे हैं। सोमवार को भी प्रचंड गर्मी पड़ रही थी, जिले का तापमान 42 डिग्री पहुंच गया था।
ऐसे प्रचंड गर्मी में बच्चों को दोपहर एक बजे स्कूल से घरों के लिए भेजा गया। जबकि सुबह दस बजते-बजते सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लू चलने के कारण लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। प्रचंड गर्मी से घर पहुंचने के बाद पानी पी लेने के कारण बच्चे बीमार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए स्कूलों का समय बदलने की मांग की थी। जिसको देखते हुए डीएम ने समय प्रात: सात बजे से 11 बजे स्कूल खोलने का आदेश जारी किया। बावजूद इसके कई स्कूलों ने दोपहर दो बजे तक स्कूल खुला रहा। बच्चों को कड़ी धूप में घर जाना पड़ा
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चैत्र मास में ही भगवान भास्कर के कोप को देख कर लोग सहमे हुए हैं। बड़े- बुजुर्ग घरों से निकलने से पहले कई बार सोच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग की असंवेदनशीलता के चलते स्कूलों का समय नहीं बदलने के कारण बच्चों को तपती धूप में घर लौटना पड़ रहा है। तीखी धूप की तपिश से लाडले बच्चों के चेहरे और शरीर झुलस जा रहे हैं। सोमवार को भी प्रचंड गर्मी पड़ रही थी, जिले का तापमान 42 डिग्री पहुंच गया था।
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ऐसे प्रचंड गर्मी में बच्चों को दोपहर एक बजे स्कूल से घरों के लिए भेजा गया। जबकि सुबह दस बजते-बजते सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लू चलने के कारण लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। प्रचंड गर्मी से घर पहुंचने के बाद पानी पी लेने के कारण बच्चे बीमार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए स्कूलों का समय बदलने की मांग की थी। जिसको देखते हुए डीएम ने समय प्रात: सात बजे से 11 बजे स्कूल खोलने का आदेश जारी किया। बावजूद इसके कई स्कूलों ने दोपहर दो बजे तक स्कूल खुला रहा। बच्चों को कड़ी धूप में घर जाना पड़ा
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