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मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी में आएंगे तो दर्द से कहराएंगे

Thu, 18 Feb 2021 10:10 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2021 10:10 PM IST
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If you come to the emergency of the Mandal Hospital, you will say with pain
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में दवाओं का टोटा है। दर्द, खासी की सीरप जैसी सामान्य दवाएं भी लोगाें को मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रहीं। विभिन्न रोगों के इलाज के लिए 296 किस्म की दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन 257 किस्म की दवाएं ही उपलब्ध हैं। ऐसे में मरीजों को जरूरत पड़ने पर बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। इमरजेंसी में सिर्फ पेट दर्द निवारक दवा है। इसी दवा को सभी प्रकार के दर्द में चिकित्सक इस्तेमाल कर रहे।
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शासन से सख्त निर्देश के बाद भी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्च लिख रहे। जबकि यह दवाएं अस्पताल में उपलब्ध होनी ही चाहिए। दवाओं के कमी होने का यह हाल है कि पेट दर्द की दवा सभी प्रकार के दर्द में इस्तेमाल की जा रही। घायलों को भी यही दवा दे दी जा रही। इससे मरीज को आराम नहीं मिलता। मजबूरन बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है। दर्द ही नहीं, अस्पताल में खांसी की सीरप और डेढ़ माह से इनहेलर भी खत्म है। इसके अलावा मरीजों को एनएस जो 500 एमएल बॉटल चढ़ाई जाती है, उसके स्थान पर 100 एमएल की चढ़ाई जा रही। इसके अलावा दर्द के लिए डाइक्लो जेल और एलर्जी के लिए सिट्रिजिन दवा का स्टाक भी कई माह खत्म है।
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