सड़क नहीं बनी तो वोट नहीं
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ग्राम पंचायत शेरवां के तेंदुआ बियार बस्ती में पांच सौ मीटर सड़क पर गिट्टी बिछा कर विगत पांच साल से छोड़ा गया है, लेकिन सड़क पर रोलर तक नहीं चलवाया गया है, जिससे वोटरों ने चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। मतदाताओं का कहना है कि सड़क नहीं तो वोट नहीं..। आज भी गांव के लोग सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ग्राम पंचायत को पूर्व में गांधी ग्राम, अंबेडकर ग्राम का दर्जा प्राप्त करने के बाद संतृप्त घोषित कर दिया गया है, लेकिन शेरवां ग्राम पंचायत का हिस्सा तेदुआं जहां सैकड़ों की संख्या में बियार जाति के लोग निवास करते हैं, उन्हें सड़क तक मुहैया नहीं कराई जा सकी है।
हर बार चुनाव में विभिन्न दलों के प्रत्याशियाें द्वारा सड़क निर्माण का आश्वासन तो मिलता है, लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद जनता से किया गया वादा भूल जाते हैं। तेंदुआ गांव के महानंद बियार, रामानंद बियार, शिवधनी बियार, आलोक बियार, ओम प्रकाश यादव, रामनरेश बियार, निरंजन बियार, अशोक सहित अन्य मतदाताओं का कहना है कि यदि सड़क नहीं तो वोट नहीं। ग्रामीण वोटरों का कहना है जनप्रतिनिधि वोटरों को हमेशा से छलते आए हैं।
उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़क की वजह से बारिश के दिनों में रात के समय बीमार महिलाओं व पुरुषों को चारपाई पर लिटा कर डेढ़ किमी दूर शेरवां-अदलहाट मार्ग पर पहुंचने पर ही कोई साधन मिल पाता है। देर होने के चलते जहां मरीजाें की हालत बिगड़ जाती है तब अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिलता। आए दिन लोग सड़क पर पड़ी गिट्टियोंे पर फिसल कर गिरते हैं और चुटहिल होते हैं। हर बार प्रत्याशी कोरा आश्वासन देते है, जिन्हें इस बार उनको आईना दिखाने का काम यहां के मतदाता करेंगे।