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गैर इरादतन हत्या में पति को आजीवन कारावास
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कछवां थाना क्षेत्र के जमुआरी गांव में तीन वर्ष पूर्व पत्नी की गैर इरादतन हत्या के मामले की सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो लाल बाबू यादव ने पति को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
कछवां थाना क्षेत्र के जमुआरी गांव निवासी सुभाष सरोज पुत्र राजेंद्र प्रसाद सरोज ने 28 जुलाई 2019 को कछवां थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके बड़े भाई सुबेदार उर्फ मुन्ना पांडेसरा हाउस सूरत में सब्जी की दुकान करते थे। घटना के 15 दिन पहले अपने परिवार के साथ घर आए। बताया कि वे भी सूरत में काम करते थे। वे 20 दिन पहले गांव आए थे। बड़े भाई सूबेदार सड़क किनारे घर बनाकर परिवार के साथ रहते थे, जबकि सुभाष का परिवार पुराने घर में रहता है। बताया कि 28 जुलाई 2019 को दोपहर करीब डेढ़ बजे छोटे बच्चे चिल्लाते हुए घर पहुंचे। बताया कि बड़े भाई सूबेदार उर्फ मुन्ना ने अपनी पत्नी सुनीता देवी को ब्लेड से मारकर घायल कर दिया है। मौके पर गए तो देखा सूबेदार अपनी पत्नी सुनीता पर सेविंग ब्लेड से वार कर रहा था। वह बेहोश पड़ी थी। वे अपनी भाभी को लेकर अपने अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कराकर आरोपी को सजा दिए जाने की अपील की। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो लाल बाबू यादव ने आरोपी पति सूबेदार को गैर इरादतन हत्या में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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कछवां थाना क्षेत्र के जमुआरी गांव निवासी सुभाष सरोज पुत्र राजेंद्र प्रसाद सरोज ने 28 जुलाई 2019 को कछवां थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके बड़े भाई सुबेदार उर्फ मुन्ना पांडेसरा हाउस सूरत में सब्जी की दुकान करते थे। घटना के 15 दिन पहले अपने परिवार के साथ घर आए। बताया कि वे भी सूरत में काम करते थे। वे 20 दिन पहले गांव आए थे। बड़े भाई सूबेदार सड़क किनारे घर बनाकर परिवार के साथ रहते थे, जबकि सुभाष का परिवार पुराने घर में रहता है। बताया कि 28 जुलाई 2019 को दोपहर करीब डेढ़ बजे छोटे बच्चे चिल्लाते हुए घर पहुंचे। बताया कि बड़े भाई सूबेदार उर्फ मुन्ना ने अपनी पत्नी सुनीता देवी को ब्लेड से मारकर घायल कर दिया है। मौके पर गए तो देखा सूबेदार अपनी पत्नी सुनीता पर सेविंग ब्लेड से वार कर रहा था। वह बेहोश पड़ी थी। वे अपनी भाभी को लेकर अपने अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कराकर आरोपी को सजा दिए जाने की अपील की। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो लाल बाबू यादव ने आरोपी पति सूबेदार को गैर इरादतन हत्या में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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