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Mirzapur News: बच्चों के लिए काल न बन जाएं हाईटेंशन तार
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मिर्जापुर। जिले के 154 परिषदीय विद्यालयों के परिसर से गुजरे हाईटेंशन तार कहीं मासूम बच्चों के लिए काल न बन जाएं। ग्रामीणों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है लेकिन विद्युत निगम और शिक्षा विभाग के अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। तार हटाने के लिए छह महीने पहले 1.45 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए।
जिले के सिटी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय खजुरी, पटेहरा के कंपोजिट विद्यालय पथरौर, राजगढ़, मड़िहान और हलिया समेत अन्य जगहों पर परिषदीय विद्यालयों के ऊपर खतरनाक तार लटक रहे हैं। पटेहरा के रामजस का कहना है कि गर्मी और बरसात के मौसम में तेज हवा चलने पर शार्ट सर्किट की घटनाएं होती हैं। तार टूटकर गिरते हैं। ऐसे में लोगों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जिले में दो साल पहले तक 229 परिषदीय विद्यालयों के परिसर से हाईटेंशन तार गुजर रहे थे। इनमें से पहले चरण में 45 लाख रुपये से 30 विद्यालयों और दूसरे चरण में 70 लाख रुपये से 45 विद्यालयों से गुजरे तार हटवाए गए थे।
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जिले 75 विद्यालयों से गुजरे हाईटेंशन तार हटवाए जा चुके हैं। बाकी 154 विद्यालय से तार हटाने की प्रक्रिया चल रही है। संभावना है कि ग्रीष्मावकाश तक यह काम पूरा हो जाएगा। - अनिल कुमार वर्मा, बीएसए
अभी तक जो भी प्रस्ताव आए थे और जिनके लिए शुल्क जमा किया गया था, वहां से हाईटेंशन तार हटाने का काम पूरा करा दिया गया है। - रामदास, अधीक्षण अभियंता
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जिले के सिटी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय खजुरी, पटेहरा के कंपोजिट विद्यालय पथरौर, राजगढ़, मड़िहान और हलिया समेत अन्य जगहों पर परिषदीय विद्यालयों के ऊपर खतरनाक तार लटक रहे हैं। पटेहरा के रामजस का कहना है कि गर्मी और बरसात के मौसम में तेज हवा चलने पर शार्ट सर्किट की घटनाएं होती हैं। तार टूटकर गिरते हैं। ऐसे में लोगों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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जिले में दो साल पहले तक 229 परिषदीय विद्यालयों के परिसर से हाईटेंशन तार गुजर रहे थे। इनमें से पहले चरण में 45 लाख रुपये से 30 विद्यालयों और दूसरे चरण में 70 लाख रुपये से 45 विद्यालयों से गुजरे तार हटवाए गए थे।
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जिले 75 विद्यालयों से गुजरे हाईटेंशन तार हटवाए जा चुके हैं। बाकी 154 विद्यालय से तार हटाने की प्रक्रिया चल रही है। संभावना है कि ग्रीष्मावकाश तक यह काम पूरा हो जाएगा। - अनिल कुमार वर्मा, बीएसए
अभी तक जो भी प्रस्ताव आए थे और जिनके लिए शुल्क जमा किया गया था, वहां से हाईटेंशन तार हटाने का काम पूरा करा दिया गया है। - रामदास, अधीक्षण अभियंता