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Mirzapur News: 29 और 30 अक्तूबर को भारी बारिश के आसार, सतर्क रहें किसान

Tue, 27 Oct 2026 02:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 02:02 AM IST
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Heavy rain expected on October 29 and 30; farmers should remain alert.
आसमान में दोपहर बाद उमड़-घुमड़ रहे बादल।-संवाद।
तेज हवा से खेतों में गिर सकती है धान की फसल
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मिर्जापुर। खेतों में पककर तैयार धान की फसल और खलिहान तक पहुंचने की प्रतीक्षा कर रही उपज पर मौसम की मार पड़ने का खतरा है। मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्तूबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी, जबकि 31 अक्तूबर को भारी बारिश हो सकती है।
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी एवं मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश से धान की तैयार फसल गिरने, बालियों को नुकसान पहुंचने और कटी उपज के भीगने की आशंका है। सरसों की बोआई, आलू की खेती की तैयारी और सब्जियों की फसलों पर भी मौसम का प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि अगले तीन दिनों के संभावित मौसम को देखते हुए किसान कटाई, उपज के सुरक्षित भंडारण और जल निकासी की तैयारी पहले से कर लें।
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मौसम वैज्ञानिक ने दिए सुझाव
- मौसम अनुकूल रहने पर ही पके धान की कटाई करें।
- कटी फसल को खेत में खुला न छोड़ें। उसे सुरक्षित और ढके स्थान पर रखें।
- खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें, ताकि पानी जमा न हो।
- सरसों की बोआई और आलू की खेत तैयारी मौसम और खेत की स्थिति देखकर करें।
- गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले खेतों में काम न करें। सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें।
72 घंटे में टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज कराएं फसल नुकसान की शिकायत
उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने फसल बीमा कराने वाले किसानों से कहा कि आपदा से फसल को नुकसान होने पर 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज कराएं। दर्ज शिकायत के आधार पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, कृषि विभाग और राजस्व लेखपाल मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करेंगे। वे क्लैप ऐप पर फसल नुकसान की तस्वीर और नुकसान का प्रतिशत दर्ज करेंगे। इसके आधार पर नामित एसबीआई फसल बीमा कंपनी की ओर से क्षतिपूर्ति की राशि किसान के खाते में भेजी जाएगी। उप कृषि निदेशक ने मौसम को देखते हुए रबी की बुवाई एक सप्ताह बाद करने का सुझाव दिया है।
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2. CHANG
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