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Mirzapur News: पांच किमी सड़क पर बिखरी गिट्टियां, धूल के गुबार से राहगीर परेशान
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रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर गुजर रहे टैंपों के पीछे उड़ रहा धूल का गुबार।-संवाद।
- फोटो : samvad
पक्कापोखरा से महेवां स्थित खजुरी नदी तक मार्ग बदहाल, धीमी गति से चल रहा चौड़ीकरण का काम
- पैदल चलने वालों, साइकिल सवार स्कूली बच्चों और दुकानदारों की बढ़ीं मुश्किलें
मिर्जापुर। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्कापोखरा से महेवां स्थित खजुरी नदी तक पांच किलोमीटर का सफर परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान कहीं गिट्टियां बिखरी हैं तो कहीं वाहनों की आवाजाही से धूल के गुबार उठ रहे हैं। इससे वाहन चालकों को आगे का रास्ता देखने में भी दिक्कत होती है। निर्माण कार्य की धीमी गति और धूल से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से राहगीर, साइकिल सवार स्कूली छात्र-छात्राएं, दुकानदार और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
जिला मुख्यालय से जुड़े 16 किलोमीटर लंबे रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर इन दिनों चौड़ीकरण का काम चल रहा है। पक्कापोखरा से महेवां स्थित खजुरी नदी तक सड़क की बदहाली से अर्जुनपुर, अघौली, हरिहरपुर बेदौली, खजुरी, अनंतरामपट्टी, महेवां, चेरुईराम, अकसौली, गड़ईयानाला, रानी चौकिया, भगेसर, पैड़ापुर, सिकरी रामनगर, धरमदेवा, छटहां, छीतमपट्टी और रतनगो समेत 20 से अधिक गांवों के करीब दो लाख लोगों को परेशानी हो रही है।
सड़क पर जगह-जगह गिट्टियां बिखरी हैं। वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच रही है। नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से स्थिति और खराब हो रही है। सड़क किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि दिनभर उड़ने वाली धूल घरों और दुकानों में धूल की परत जम जाती है। खुले में खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है। धूल के बीच राहगीरों को नाक-मुंह ढंककर चलना पड़ता है। वहीं, साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों को गिट्टियों और धूल के बीच से गुजरना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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इनसेट
आठ महीने से चल रहा चौड़ीकरण, धूल से बचाव के इंतजाम नाकाफी
रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग से जुड़े एक दर्जन से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अलावा दो इंटर कॉलेज और दो डिग्री कॉलेज हैं। लोगों के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण का काम आठ महीने से चल रहा है। काम की धीमी गति के कारण लोगों की परेशानी लंबी खिंच रही है। सड़क पर धूल नियंत्रित करने के लिए नियमित पानी का छिड़काव जरूरी है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर राहगीरों और आसपास रहने वालों को धूल के बीच नहीं छोड़ा जाना चाहिए। निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ धूल से बचाव के उपाय भी किए जाने चाहिए।
लोगों ने बताईं समस्याएं
सड़क पर उड़ रही धूल और बिखरी गिट्टियों से रोजाना आने-जाने में परेशानी होती है। धूल घरों तक पहुंच रही है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ नियमित पानी का छिड़काव कराया जाना चाहिए।
-अजीत कुमार भारती, प्रशासक, महेवां
सड़क से गुजरते समय वाहनों के पीछे धूल का गुबार उठता है। पीछे चलने वालों को काफी दिक्कत होती है। सड़क की हालत सुधरने तक धूल से बचाव के इंतजाम किए जाने चाहिए।
-प्रभाकर, पक्कापोखरा
सड़क पर गिट्टियां बिखरी होने और धूल उड़ने से आवागमन मुश्किल हो गया है। साइकिल से चलने वाले स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी होती है। निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाना चाहिए।
-रोहन मौर्य, दुकानदार, अर्जुनपुर
सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों को धूल से परेशानी हो रही है। घरों और दुकानों में धूल पहुंच रही है। जिम्मेदारों को निर्माण कार्य की निगरानी कराकर नियमित पानी का छिड़काव कराना चाहिए।
-दिलीप कुमार गुप्ता, खजुरी
वर्जन
सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। त्योहार के चलते बीच में काम धीमा हो गया था। श्रमिक वापस आ गए हैं। जल्द ही सभी समस्याओं का निस्तारण हो जाएगा।
-अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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- पैदल चलने वालों, साइकिल सवार स्कूली बच्चों और दुकानदारों की बढ़ीं मुश्किलें
मिर्जापुर। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्कापोखरा से महेवां स्थित खजुरी नदी तक पांच किलोमीटर का सफर परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान कहीं गिट्टियां बिखरी हैं तो कहीं वाहनों की आवाजाही से धूल के गुबार उठ रहे हैं। इससे वाहन चालकों को आगे का रास्ता देखने में भी दिक्कत होती है। निर्माण कार्य की धीमी गति और धूल से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से राहगीर, साइकिल सवार स्कूली छात्र-छात्राएं, दुकानदार और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
जिला मुख्यालय से जुड़े 16 किलोमीटर लंबे रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर इन दिनों चौड़ीकरण का काम चल रहा है। पक्कापोखरा से महेवां स्थित खजुरी नदी तक सड़क की बदहाली से अर्जुनपुर, अघौली, हरिहरपुर बेदौली, खजुरी, अनंतरामपट्टी, महेवां, चेरुईराम, अकसौली, गड़ईयानाला, रानी चौकिया, भगेसर, पैड़ापुर, सिकरी रामनगर, धरमदेवा, छटहां, छीतमपट्टी और रतनगो समेत 20 से अधिक गांवों के करीब दो लाख लोगों को परेशानी हो रही है।
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सड़क पर जगह-जगह गिट्टियां बिखरी हैं। वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच रही है। नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से स्थिति और खराब हो रही है। सड़क किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि दिनभर उड़ने वाली धूल घरों और दुकानों में धूल की परत जम जाती है। खुले में खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है। धूल के बीच राहगीरों को नाक-मुंह ढंककर चलना पड़ता है। वहीं, साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों को गिट्टियों और धूल के बीच से गुजरना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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आठ महीने से चल रहा चौड़ीकरण, धूल से बचाव के इंतजाम नाकाफी
रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग से जुड़े एक दर्जन से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अलावा दो इंटर कॉलेज और दो डिग्री कॉलेज हैं। लोगों के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण का काम आठ महीने से चल रहा है। काम की धीमी गति के कारण लोगों की परेशानी लंबी खिंच रही है। सड़क पर धूल नियंत्रित करने के लिए नियमित पानी का छिड़काव जरूरी है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर राहगीरों और आसपास रहने वालों को धूल के बीच नहीं छोड़ा जाना चाहिए। निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ धूल से बचाव के उपाय भी किए जाने चाहिए।
लोगों ने बताईं समस्याएं
सड़क पर उड़ रही धूल और बिखरी गिट्टियों से रोजाना आने-जाने में परेशानी होती है। धूल घरों तक पहुंच रही है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ नियमित पानी का छिड़काव कराया जाना चाहिए।
-अजीत कुमार भारती, प्रशासक, महेवां
सड़क से गुजरते समय वाहनों के पीछे धूल का गुबार उठता है। पीछे चलने वालों को काफी दिक्कत होती है। सड़क की हालत सुधरने तक धूल से बचाव के इंतजाम किए जाने चाहिए।
-प्रभाकर, पक्कापोखरा
सड़क पर गिट्टियां बिखरी होने और धूल उड़ने से आवागमन मुश्किल हो गया है। साइकिल से चलने वाले स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी होती है। निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाना चाहिए।
-रोहन मौर्य, दुकानदार, अर्जुनपुर
सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों को धूल से परेशानी हो रही है। घरों और दुकानों में धूल पहुंच रही है। जिम्मेदारों को निर्माण कार्य की निगरानी कराकर नियमित पानी का छिड़काव कराना चाहिए।
-दिलीप कुमार गुप्ता, खजुरी
वर्जन
सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। त्योहार के चलते बीच में काम धीमा हो गया था। श्रमिक वापस आ गए हैं। जल्द ही सभी समस्याओं का निस्तारण हो जाएगा।
-अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग