{"_id":"654e7e78870fe2fe170b9ba4","slug":"garbage-collecting-e-rickshaws-turned-into-junk-mirzapur-news-c-192-1-svns1033-8336-2023-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: कबाड़ में तब्दील हुए कूड़ा उठाने वाले ई-रिक्शे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: कबाड़ में तब्दील हुए कूड़ा उठाने वाले ई-रिक्शे
विज्ञापन
मिर्जापुर। नगर पालिका क्षेत्र में कूड़ा उठाने के लिए आए ई-रिक्शे कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। वर्ष 2019 में 14 वित्त के तहत इन ई- रिक्शों की खरीद की गई थी।
स्वच्छ नगर सुंदर नगर के तहत इन रिक्शों को मंगाया गया था। उस समय घर- घर कूड़ा उठाने करने में इनका उपयोग किया जाता थ। बाद में कुछ लोगों के आपत्ति करने पर इस योजना को बंद कर दिया गया। उस समय एक संस्था के जरिए हर घर से कूड़ा लेने की व्यवस्था की गई थी। लोगों की आपत्ति के बाद घर- घर से कूड़ा उठान की योजना को बंद कर दिया गया। उसके बाद से यह ई- रिक्शे बेकार हो गए और नगर पालिका परिसर में खड़े कर दिए गए। हवा, धूप पानी सहते हुए यह ई- रिक्शा धीरे- धीरे कबाड़ बनने लगे। लालडिग्गी नगर पालिका परिसर में इन ई- रिक्शा को कबाड़ बनते देखा जा सकता है।
38 वार्ड के लिए खरीदे गए थे 38 ई- रिक्शे
मिर्जापुर। कूड़ा उठाने के लिए नगर पालिका के सभी 38 वार्डों के लिए 38 ई-रिक्शा खरीदे गए थे। कुछ लोगों का कहना है कि ई- रिक्शा कूड़े का भार नहीं उठा पाते थे। कुछ में चार्जिंग की भी समस्या थी। इसमें जनता के 75 लाख रुपये खर्च करने के बाद पालिका ने इसे कबाड़खाने में डाल दिया। अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता ने बताया कि यह मामला उनके कार्यभार ग्रहण करने के लगभग दो वर्ष पूर्व का है। इसका संचालन क्यों बंद कराया गया। इसके बारे में उनको जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
मैं जब से नगर पालिकाध्यक्ष बना। मेरे सामने एक बार भी इन ई- रिक्शा का संचालन नहीं हुआ। संभवत: चालक की समस्या से ऐसा हुआ होगा। इसके बारे में जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
- श्याम सुंदर केसरी, नगर पालिकाध्यक्ष मिर्जापुर
विज्ञापन
स्वच्छ नगर सुंदर नगर के तहत इन रिक्शों को मंगाया गया था। उस समय घर- घर कूड़ा उठाने करने में इनका उपयोग किया जाता थ। बाद में कुछ लोगों के आपत्ति करने पर इस योजना को बंद कर दिया गया। उस समय एक संस्था के जरिए हर घर से कूड़ा लेने की व्यवस्था की गई थी। लोगों की आपत्ति के बाद घर- घर से कूड़ा उठान की योजना को बंद कर दिया गया। उसके बाद से यह ई- रिक्शे बेकार हो गए और नगर पालिका परिसर में खड़े कर दिए गए। हवा, धूप पानी सहते हुए यह ई- रिक्शा धीरे- धीरे कबाड़ बनने लगे। लालडिग्गी नगर पालिका परिसर में इन ई- रिक्शा को कबाड़ बनते देखा जा सकता है।
विज्ञापन
38 वार्ड के लिए खरीदे गए थे 38 ई- रिक्शे
मिर्जापुर। कूड़ा उठाने के लिए नगर पालिका के सभी 38 वार्डों के लिए 38 ई-रिक्शा खरीदे गए थे। कुछ लोगों का कहना है कि ई- रिक्शा कूड़े का भार नहीं उठा पाते थे। कुछ में चार्जिंग की भी समस्या थी। इसमें जनता के 75 लाख रुपये खर्च करने के बाद पालिका ने इसे कबाड़खाने में डाल दिया। अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता ने बताया कि यह मामला उनके कार्यभार ग्रहण करने के लगभग दो वर्ष पूर्व का है। इसका संचालन क्यों बंद कराया गया। इसके बारे में उनको जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
मैं जब से नगर पालिकाध्यक्ष बना। मेरे सामने एक बार भी इन ई- रिक्शा का संचालन नहीं हुआ। संभवत: चालक की समस्या से ऐसा हुआ होगा। इसके बारे में जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
- श्याम सुंदर केसरी, नगर पालिकाध्यक्ष मिर्जापुर