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Mirzapur News: 12 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में चार को आजीवन कारावास
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मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के बरकछा गांव में 12 वर्ष पहले विवाहिता सरिता की दहेज के लिए हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज व विशेष जज एससीएसटी एक्ट ऋचा जोशी ने पति दिनेश, ससुर नारायन और सास धनपत्ती और देवर सुरेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषी जमानत पर थे।
जज ने दोषियों को 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा होगी। चुनार थाना क्षेत्र मड़ई मड़फा निवासी ओम प्रकाश ने 20 नवंबर 2014 एसपी को तहरीर देकर बताया कि बहन सरिता की शादी 10 मई 2012 को देहात कोतवाली क्षेत्र के बरकछा निवासी दिनेश देहात कोतवाली से की थी।
बहन ससुराल गई तो दहेज कम मिलने का ससुराल वाले ताना मारने लगे। दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। बहन सरिता ने यह बात बताई तो ओम प्रकाश ने मायके वालों को समझाया पर वे उल्टे बहन को प्रताड़ित करते रहे। 20 नवंबर 2014 को बहन की गला दबाकर हत्या कर दी।
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पुलिस ने इस मामले में पति समेत चार के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पुुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट जमा की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने गवाह व पत्रावली उपलब्ध कराकर कड़ी कार्रवाई की अपील की। इसके बाद न्यायालय अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट ऋचा जोशी ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जज ने दोषियों को 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा होगी। चुनार थाना क्षेत्र मड़ई मड़फा निवासी ओम प्रकाश ने 20 नवंबर 2014 एसपी को तहरीर देकर बताया कि बहन सरिता की शादी 10 मई 2012 को देहात कोतवाली क्षेत्र के बरकछा निवासी दिनेश देहात कोतवाली से की थी।
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बहन ससुराल गई तो दहेज कम मिलने का ससुराल वाले ताना मारने लगे। दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। बहन सरिता ने यह बात बताई तो ओम प्रकाश ने मायके वालों को समझाया पर वे उल्टे बहन को प्रताड़ित करते रहे। 20 नवंबर 2014 को बहन की गला दबाकर हत्या कर दी।
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पुलिस ने इस मामले में पति समेत चार के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पुुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट जमा की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने गवाह व पत्रावली उपलब्ध कराकर कड़ी कार्रवाई की अपील की। इसके बाद न्यायालय अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट ऋचा जोशी ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।