Flood in UP: नौ साल बाद दिखा गंगा का रौद्र रूप, बाढ़ से 254 गांव प्रभावित; 14716.6 हेक्टेयर फसल जलमग्न
Mirzapur News:
विस्तार
Flood Alert: मिर्जापुर में नौ साल बाद गंगा का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। सितंबर 2016 में इस तरह की बाढ़ आई थी। 254 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 14716.6 हेक्टेयर फसलें जलमग्न हो चुकी है। शाम छह बजे तक जलस्तर में वृद्धि हो रही थी। अभी भी 0.50 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ कर जलस्तर 78.450 मीटर तक पहुंच गया है।
इससे पहले सितंबर 2016 में जलस्तर 78.550 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। बाढ़ का पानी अब विंध्याचल-कंतित मार्ग वाराणसी बस स्टैंड तक पहुंच गया है। मिर्जापुर-भटौली मार्ग पर पानी आने से रास्ता बंद हो गया है। छानबे क्षेत्र में बाढ़ से घिरे गांवों में छत पर लोग गुजर वसर कर रहे हैं।
कई गांवों के संपर्क बाजार व अस्पताल से टूटे
कोन क्षेत्र के हरसिंहपुर, मल्लेपुर के बाद अब अनिरुद्धपुर पूरब पट्टी, पश्चिम पट्टी, हुसैनीपुर के कई घरों में पानी घुस गया है। जिगना में अकोढ़ी बबुरा संपर्क मार्ग, भटेवरा विजयपुर मार्ग, गैपुरा लालगंज मार्ग, भारतगंज विजयपुर मार्ग, अरगीसरपत्ती महुआरी मार्ग, बिरोही बघरातिवारी मार्ग, महडौरा दलित बस्ती जंगीरोड संपर्क मार्ग बंद होने से कई गांव का संपर्क अस्पताल, बाजार, स्कूल से टूट गया है।
बढ़ी परेशानियां
विजयपुर ब्लॉक मुख्यालय जाने के लिए लोगों को मांडारोड लालगंज होकर जाना पड़ रहा है। सीखड़ में हासीपुर, गौरैया, घमही, रामगढ़, धन्नुपुर, पसियाही, विदापुर, पिपराही, खैरा, फ़ुलहा, प्रेमापुरा, छितकपूर,भगीरथपुर आदि मार्ग पर पानी भरने से संपर्क टूट गया है।
चुनार विधायक अनुराग सिंह ने बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। नरायनपुर, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाध सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने बघेड़ा और बघेड़ी गांव का दौरा किया। किसानों से बातचीत कर नुकसान हुए सब्जी और फसलों की जानकारी ली।
फसलें भी जलमग्न
चुनार में बाढ़ के चलते जरगों नदी के किनारे स्थित सब्जी की राजधानी कही जाने वाली नरायनपुर ब्लाक का कजिया गांव प्रभावित हो गया है। नगर पालिका क्षेत्र के भरपुर, लालदरवाजा मोहल्ले के किसान भारी मात्रा में सब्जी की खेती करते हैं। इससे उनके परिवार की आजीविका चलती है।
स्थानीय मंडी सहित दूर दराज के मंडियों में भी यहां की सब्जी खरीदार ले जाते हैं। प्रभावित किसान बलिराम कुशवाहा, रबीन्द्र वर्मा, मोहन वर्मा आदि ने बताया कि बाढ से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बाढ का पानी नरायनपुर ब्लाक के कजिया गांव सहित कामापुर, उसमानपुर, फुलवरिया, खैरूददीनपुर व नगर क्षेत्र में नागरपुर, भरपुर व सेटेलमेंट एरिया तक पहुंच गया है।
साल 2013 से अब तक पिछले 12 वर्षो में गंगा के जलस्तर वृद्धि का रिकार्ड
| दिनांक | जलस्तर मीटर में |
| 27 अगस्त 2013 | 79.050 |
| 12 अगस्त 2014 | 74.780 |
| 23 अगस्त 2015 | 73.520 |
| 24 सितंबर 2016 | 78.550 |
| 18 अगस्त 2017 | 69.330 |
| 12 सितंबर 2018 | 75.520 |
| 22 सितंबर 2019 | 77.980 |
| 4 सितंबर 2020 | 74.100 |
| 12 अगस्त 2021 | 78.400 |
| 30 अगस्त 2022 | 78.110 |
| 8 अगस्त 2023 | 73.660 |
| 17 सितंबर 2024 | 76.530 |
डीएम ने बाढ़ व आपदा नियंत्रण कक्ष का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित बाढ़/आपदा कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां प्राप्त शिकायतों के रजिस्टर का अवलोकन किया। उपस्थित कर्मचारियों को समय से उपस्थित होकर फोन रिसीव करने व सही जवाब देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष में रात में भी कर्मचारी सक्रिय व क्रियाशील रहें, लापरवाही पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से जुड़े समस्याओं से संबंधित टोल फ्री नंबर 1077 पर अथवा 05442-256357 सूचना दें। जिला प्रशासन द्वारा तत्काल मदद या राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
जिला प्रशासन ने बाढ़ की सूचना व राहत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिला स्तरीय बाढ़ कन्ट्रोल रूम 24X7 पहले से क्रियाशील है। सभी से कहा गया है कि वे अतिवर्षा की वजह से जलभराव वाले गांवों, स्थानों और बढ़े जलस्तर वाले क्षेत्रों में यदि किसी प्रकार समस्या हो तो सूचना कंट्रोल रूम के जारी दूरभाष नंबरों पर बता सकतें है।
कलेक्ट्रेट में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम
- नम्बर - 05442-256357
- टोल फ्री नंबर - 1077
- तहसील सदर-05442-220188,
- तहसील चुनार-05443222413
- मुख्य चिकित्साधिकारी -05442-252337
- मुख्य पशु चिकित्साधिकारी -9696148805
- सिंचाई विभाग -05542-252589
- विद्युत- 8004932170