पांच लोगों पर गिर सकती है गाज
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एक फरवरी बसंत पंचमी की रात जवाहर नवादेय विद्यालय के 90 बच्चे चरणामृत या दूषित भोजन खाने से बीमार हो गए थे। इससे विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया था। बीमार बच्चों को सीएचसी मडि़हान व जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने विद्यालय का निरीक्षण कर एसडीएम मडि़हान चंद्रपाल तिवारी, बीडीओ पटेहरा दिनेश सिंह व मडि़हान सीएचसी के दो डाक्टरों की टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।
एक फरवरी के बाद भी कई दिन तक स्कूल में बच्चे बीमार होते रहे। डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी मडि़हान ने एक सप्ताह तक विद्यालय के प्राचार्य, छात्र छात्राओं तथा मेस कर्मियों से पूछताछ की। सूत्रों की माने को जांच के दौरान एक फरवरी को विद्यालय में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बना था। सब्जी में गड़बड़ी होने की आशंका जताई गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि जिस खाने को फेंक ने की बात कही जा रही है, उसे फेंका नहीं गया था। सब्जी समेत अन्य भोजन का सैंपल लेकर जांच के लिए झांसी भेजा गया है। जांच दल ने प्रथम दृष्टया पांच लोगों को दोषी पाया गया है। रिपोर्ट तैयार होने पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास फाइल भेज दी गई है। जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने बताया कि सहायक आयुक्त नवोदय विद्यालय को भेज दिया है और उन्हें ही इस मामले में कार्रवाई करनी है।