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Mirzapur News: पांच लाख भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का किया दर्शन-पूजन

Mon, 27 Mar 2023 01:04 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2023 01:04 AM IST
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Five lakh devotees worshiped Maa Vindhyavasini
विंध्याचल। चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि पर रविवार को विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भोर से लेकर देर रात तक चले दर्शन-पूजन के दौरान पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाया। घंटा, शंख व नगाड़े व माता के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंगला आरती के बाद गुड़हल, कमल, गुलाब के फूल एवं रत्न जड़ित आभूषणों से किए गए शृंगार स्वरूप का भव्य दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर रहे।रविवार को छुट्टी का दिन होने एवं देश के कोने-कोने आए श्रद्धालुओं के कारण समूचे विंध्य धाम में भीड़ लगी रही। सुबह 11 बजे तक डेढ़ लाख से अधिक भक्त मां का दर्शन-पूजन कर चुके थे। इसके अलावा गंगा घाट हो अथवा गली, पहाड़ हो अथवा सड़क हर जगह श्रद्धालु ही दिखाई दे रहे थे। भोर में मंगला आरती के पहले से ही मंदिर परिसर एवं गंगा घाटों पर देवी भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि रात आठ बजे तक करीब पांच लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर चुके थे।
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मंगला आरती के भव्य स्वरूप का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु लालायित नजर आए। गंगा स्नान के बाद मंदिर पहुंचे भक्तों ने मां के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। मंदिर के बाहर न्यू वीआईपी रोड, पुरानी वीआईपी, बच्चा पाठक की गली, जयपुरिया गली, सदर बाजार गली में सड़क से लेकर मंदिर तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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माता का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालु मंदिर की तरफ बढ़े चले जा रहे थे। मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। मंदिर की छत पर दूर-दराज से आए संत महात्मा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुष्ठान व पूजन में तल्लीन रहे। मंदिर के गुंबद एवं हवन कुंड की परिक्रमा करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
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चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि पर माता के दरबार में उमड़़ी भीड़ व लंबी कतारें देखकर हर कोई परेशान रहा। माता का दर्शन कैसे हो, इसके लिए तमाम लोग जुगाड़ में लगा रहा। हर कोई गर्भगृह में पहुंचकर मां विंध्यवासिनी के दर्शन- पूजन के लिए लालायित रहा। वीआईपी दर्शन के लिए होड़ मची रही। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी गई थी।

वीआईपी दर्शन के लिए जारी प्रोटोकॉल के अनुसार ही सुविधा दी जा रही थी। नए वीआईपी मार्ग की तरफ से आम श्रद्धालु एवं तीर्थ पुरोहितों के कतार बनाए गए थे। कतारबद्ध होकर श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए मंदिर की ओर पहुंच रहे थे। ध्वनि विस्तारक यंत्र द्वारा भीड़ को नियंत्रित के लिए सूचना प्रसारित किए जा रहे थे। भीड़ के चलते किसी ने गर्भगृह में तो किसी ने झांकी से ही माता का दर्शन किया। मां विंध्यवासिनी मंदिर का कपाट दोपहर 12 बजे बंद कर दिया गया था। लंबी कतार में खड़े श्रद्धालु जो जहां थे, वहीं बैठकर अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करते दिखा। माता के शृंगार के पश्चात लगभग एक घंटे बाद जब मंदिर का कपाट खुला तो मां विंध्यवासिनी का जयकारा लगाते हुए भक्त गर्भगृह की ओर आगे बढ़ रहे थे।चैत्र नवरात्र मेले के दौरान रविवार के दिन छुट्टी होने के कारण देश के कोने-कोने से आए तमाम श्रद्धालु अपने बच्चों के मुंडन संस्कार में जुटे रहे। इसके लिए नाई समाज की ओर स्थान निर्धारित किया गया था। गंगा घाटों पर भी श्रद्धालु बच्चों का मुंडन संस्कार कराने में जुटे रहे। मुंडन संस्कार के दौरान रेट को लेकर कहीं-कहीं श्रद्धालुओं से नोकझोंक भी देखी गई।
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