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खेतो में पराली जलाते पकड़े गए किसान, वसूला 25 हजार जुर्माना
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मिर्जापुर। खेतों में पराली जलाने के आरोप में जिले में आठ किसानों पर कार्रवाई की गई है। उनसे 25 हजार रुपये जुर्माना वसूल गया है। किसानों की पहचान सेटेलाइट के माध्यम से की गई।
मनाही के बावजूद खेतों में पराली जलाने के आरोप में चुनार तहसील के भड़ेवल में अनिकेत सिंह से 2500, तहसील सदर के विकास खंड मझवां में पंचम सिंह से 2500, मड़िहान तहसील के ग्राम- बभनी थपनवा में तीर्थ नरायनपुत्र गंगा से 15 हजार, मड़िहान तहसील के कलवारी माफी के किसान कमलेश एवं सुदामा से 2500-2500 रुपये जुर्माने के रूप में वसूला गया है। इसी तरह गोरथरा में पारसनाथ मौर्य द्वारा घास-फूस का ढेर खेतों में जलाने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया। उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने किसानों से आह्वान किया कि वे किसी भी दशा में अपने खेतों में पराली न जलाएं। जलाने के बजाय पराली/फसल अवशेष में वेस्ट डीकम्पोजर का छिड़काव कर उसे खेतों में ही सड़ा-गला कर जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ जाती हैं।
उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने कहा कि खेतों में फसल अवशेष/पराली को जलाने के बजाय उसे निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल के लिए दान करें। इसके लिए किसान एकीकृत नं. 05442-256357 अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के मो. नं. 8630758148 संपर्क करके अवगत करा सकते हैं। सूचना मिलने पर खेतों से पराली उठाने के लिए इंतजाम किया जाएगा।
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मनाही के बावजूद खेतों में पराली जलाने के आरोप में चुनार तहसील के भड़ेवल में अनिकेत सिंह से 2500, तहसील सदर के विकास खंड मझवां में पंचम सिंह से 2500, मड़िहान तहसील के ग्राम- बभनी थपनवा में तीर्थ नरायनपुत्र गंगा से 15 हजार, मड़िहान तहसील के कलवारी माफी के किसान कमलेश एवं सुदामा से 2500-2500 रुपये जुर्माने के रूप में वसूला गया है। इसी तरह गोरथरा में पारसनाथ मौर्य द्वारा घास-फूस का ढेर खेतों में जलाने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया। उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने किसानों से आह्वान किया कि वे किसी भी दशा में अपने खेतों में पराली न जलाएं। जलाने के बजाय पराली/फसल अवशेष में वेस्ट डीकम्पोजर का छिड़काव कर उसे खेतों में ही सड़ा-गला कर जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ जाती हैं।
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उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने कहा कि खेतों में फसल अवशेष/पराली को जलाने के बजाय उसे निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल के लिए दान करें। इसके लिए किसान एकीकृत नं. 05442-256357 अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के मो. नं. 8630758148 संपर्क करके अवगत करा सकते हैं। सूचना मिलने पर खेतों से पराली उठाने के लिए इंतजाम किया जाएगा।
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