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Mirzapur News: टीबी रोगियों के परिजनों को भी खानी होगी दवा
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मिर्जापुर। अब टीबी के मरीजों के परिजनों को भी दवा खानी होगी। इसका उद्देश्य टीबी के मरीज के संपर्क में रहने वालों को संक्रमण से बचाना है। हालांकि यह दवा सिर्फ फेफड़े के टीबी रोगी के संपर्क में आने वालों को ही खानी होगी।
देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए अभियान चल रहा है। इसके लिए टीबी रोगियों को गोद लेने के साथ पोषण पोटली और एक हजार रुपये सहायता राशि दी जा रही है। नए साल में 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया है।
इसके तहत फेफड़े के टीबी रोगियों के परिजनों को भी दवा का सेवन करना पड़ेगा। एक दवा तो पहले से भी इसें एक दवा और जोड़ दिया गया है।
जिले में इस समय 2167 एक्टिव टीबी रोगी है।ढजिला क्षय रोग अधिकारी डा. अनिल ओझा ने बताया कि फेफेड़े की टीबी से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसलिए उनके संपर्क में आने वाले परिजन आदि को दवा खिलाया जाएगा।
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इसमें रिफापैंटिन और आइसोनियाजाइड दवा का सेवन करना होगा। इन दोनों दवा का सेवन पांच वर्ष से ऊपर के लोगों को छह माह तक करना होगा।
रिफापैंटिन का सप्ताह में तीन दिन और आइसोनियाजाइड को प्रतिदिन एक गोली लेनी होगी। इस दवा के सेवन से टीबी रोग का संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहेगा।
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देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए अभियान चल रहा है। इसके लिए टीबी रोगियों को गोद लेने के साथ पोषण पोटली और एक हजार रुपये सहायता राशि दी जा रही है। नए साल में 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया है।
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इसके तहत फेफड़े के टीबी रोगियों के परिजनों को भी दवा का सेवन करना पड़ेगा। एक दवा तो पहले से भी इसें एक दवा और जोड़ दिया गया है।
जिले में इस समय 2167 एक्टिव टीबी रोगी है।ढजिला क्षय रोग अधिकारी डा. अनिल ओझा ने बताया कि फेफेड़े की टीबी से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसलिए उनके संपर्क में आने वाले परिजन आदि को दवा खिलाया जाएगा।
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इसमें रिफापैंटिन और आइसोनियाजाइड दवा का सेवन करना होगा। इन दोनों दवा का सेवन पांच वर्ष से ऊपर के लोगों को छह माह तक करना होगा।
रिफापैंटिन का सप्ताह में तीन दिन और आइसोनियाजाइड को प्रतिदिन एक गोली लेनी होगी। इस दवा के सेवन से टीबी रोग का संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहेगा।