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Mirzapur News: सामाजिक मूल्यों के लिए श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारें
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चुनार की रामलीला का मुकुट पूजन कर शुभारंभ करते अतिथिगण। फोटो संवाद।
- फोटो : credit
चुनार। सामाजिक मूल्यों को बचाए रखने के लिए हम सबको श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। यह बातें चुनार एसडीएम अनेग सिंह ने शनिवार रात श्रीराघवेंद्र रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित 21 दिवसीय रामलीला मंचन के 190वें मुकुट पूजन पर बतौर मुख्य अतिथि लीला प्रेमियों और नगरवासियों को संबोधित करते हुए कहीं।
कहा कि सामाजिक मूल्यों का हृास होता जा रहा है। आज पुत्र का पिता से और भाई का भाई से संपत्ति व छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो रहा है, लेकिन श्रीराम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए राजगद्दी का त्याग कर 14 वर्ष के लिए वनवास चले गए। वहीं छोटे भाई भरत ने राजगद्दी स्वीकार न कर श्रीराम के वनवास से लौटने तक चरण पादुकाओं को गद्दी पर रखकर पूजन किया। श्रीराम के आदर्श हम सबके जीवन में अनुकरणीय हैं। मुकुट पूजन काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्र के बड़े भ्राता पं. शशिकांत मिश्र, शिवाकांत पाठक, श्रवण कुमार अवस्थी और बृजेश चतुर्वेदी ने कराया। मुख्य अतिथि ने व्यास कैलाशपति त्रिपाठी का माल्यार्पण कर रामनामी प्रदान की। इसके बाद रामायण की चौपाई के साथ पहले दिन की लीला का शुभारंभ हुआ।
इसके बाद संरक्षक बचाऊ लाल सेठ ने कमेटी की ओर से मुख्य अतिथि को रामनामी और राम दरबार का चित्र भेंटकर स्वागत किया। संचालन कर रहे कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चंद्रहास गुप्ता ने एसडीएम को 21 दिनों तक नगर में होने वाले लीला मंचन और उपलब्धियों की जानकारी दी। साथ ही रामलीला निर्विघ्न संपादित हो सके, इसके लिए मुख्य अतिथि और कोतवाल से शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग मांगा।
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कहा कि सामाजिक मूल्यों का हृास होता जा रहा है। आज पुत्र का पिता से और भाई का भाई से संपत्ति व छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो रहा है, लेकिन श्रीराम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए राजगद्दी का त्याग कर 14 वर्ष के लिए वनवास चले गए। वहीं छोटे भाई भरत ने राजगद्दी स्वीकार न कर श्रीराम के वनवास से लौटने तक चरण पादुकाओं को गद्दी पर रखकर पूजन किया। श्रीराम के आदर्श हम सबके जीवन में अनुकरणीय हैं। मुकुट पूजन काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्र के बड़े भ्राता पं. शशिकांत मिश्र, शिवाकांत पाठक, श्रवण कुमार अवस्थी और बृजेश चतुर्वेदी ने कराया। मुख्य अतिथि ने व्यास कैलाशपति त्रिपाठी का माल्यार्पण कर रामनामी प्रदान की। इसके बाद रामायण की चौपाई के साथ पहले दिन की लीला का शुभारंभ हुआ।
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इसके बाद संरक्षक बचाऊ लाल सेठ ने कमेटी की ओर से मुख्य अतिथि को रामनामी और राम दरबार का चित्र भेंटकर स्वागत किया। संचालन कर रहे कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चंद्रहास गुप्ता ने एसडीएम को 21 दिनों तक नगर में होने वाले लीला मंचन और उपलब्धियों की जानकारी दी। साथ ही रामलीला निर्विघ्न संपादित हो सके, इसके लिए मुख्य अतिथि और कोतवाल से शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग मांगा।
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