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Mirzapur News: डिजिटल एक्सरे प्लेट खत्म, दो माह से अल्ट्रासाउंड भी बंद
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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से यहां आने वाले मरीजों समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दो माह से मंडलीय अस्पताल में अल्ट्रा साउंड भी बंद है और अब डिजिटल एक्सरे प्लेट भी खत्म हो गया है। अल्ट्रा साउंड के लिए मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटर जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। फिलहाल डिजिटल एक्स-रे प्लेट खत्म होने पर पुराने मशीन से एक्सरे कार्य हो रहा है। जिला महिला अस्पताल में पिछले दो वर्ष से अधिक समय से रेडियोलाजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। मंडलीय अस्पताल में दो-चार महीने अल्ट्रासाउंड होता है। फिर डाॅक्टर की कमी से यहां भी अल्ट्रासाउंड बंद हो जाता है। मंडलीय अस्पताल में यह व्यवस्था दो वर्ष से चली आ रही है। मंडलीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड होने से जिला महिला अस्पताल की गर्भवती महिलाओं को भी इसका लाभ मिलता था, परंतु इधर दो माह से मंडलीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। इसके चलते लोगों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटर जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
रेडियोलाजिस्ट के अभाव में मारपीट के मामलों में रिपोर्ट नहीं लग पाने के कारण उनका एक्सरे भी नहीं होता था। उनको भदोही अथवा अन्य जनपद भेजा जाता है। एक समस्या खत्म भी नहीं हुई थी कि नई समस्या पैदा हो गई है। मंडलीय अस्पताल के डिजिटल एक्सरे की प्लेट भी खत्म हो गई है। इसके चलते बुधवार को डिजिटल एक्सरे भी बंद हो गया। लोगों को पुराने एक्सरे मशीन में एक्सरे कराना पड़ा। इससे लोगों की भीड़ लगी रही। वहीं डाॅक्टर पुरानी मशीन के एक्सरे को नहीं मानते तो लोगों को बाहर जाकर डिजिटल एक्सरे कराना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने डिजिटल एक्सरे के स्टाक का लेखा-जोखा मांगा था। जो नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मी को फटकार लगाई थी। साथ ही एक्सरे फिल्म काट कर न देने को भी कहा था। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अरविंद सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जा रही है कि कितने लोगों का एक्सरे हुआ और कितनी एक्सरे प्लेट आई थी। डिजिटल एक्सरे प्लेट खत्म होने पर डिमांड भेज कर मंगाया जाएगा। फिलहाल मैनुअल एक्सरे कराया जा रहा है। रेडियोलाजिस्ट के न आने के बारे में शासन को अवगत कराया जाएगा।
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रेडियोलाजिस्ट के अभाव में मारपीट के मामलों में रिपोर्ट नहीं लग पाने के कारण उनका एक्सरे भी नहीं होता था। उनको भदोही अथवा अन्य जनपद भेजा जाता है। एक समस्या खत्म भी नहीं हुई थी कि नई समस्या पैदा हो गई है। मंडलीय अस्पताल के डिजिटल एक्सरे की प्लेट भी खत्म हो गई है। इसके चलते बुधवार को डिजिटल एक्सरे भी बंद हो गया। लोगों को पुराने एक्सरे मशीन में एक्सरे कराना पड़ा। इससे लोगों की भीड़ लगी रही। वहीं डाॅक्टर पुरानी मशीन के एक्सरे को नहीं मानते तो लोगों को बाहर जाकर डिजिटल एक्सरे कराना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने डिजिटल एक्सरे के स्टाक का लेखा-जोखा मांगा था। जो नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मी को फटकार लगाई थी। साथ ही एक्सरे फिल्म काट कर न देने को भी कहा था। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अरविंद सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जा रही है कि कितने लोगों का एक्सरे हुआ और कितनी एक्सरे प्लेट आई थी। डिजिटल एक्सरे प्लेट खत्म होने पर डिमांड भेज कर मंगाया जाएगा। फिलहाल मैनुअल एक्सरे कराया जा रहा है। रेडियोलाजिस्ट के न आने के बारे में शासन को अवगत कराया जाएगा।
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