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प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत, हंगामा
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:24 AM IST
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जिला महिला अस्पताल में गुरुवार की शाम से भर्ती गर्भवती महिला की खून की कमी के चलते प्रसव के दौरान श्ुाक्रवार की सुबह मौत हो गई। इससे नाराज घरवालों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया।
कहा कि सुविधा शुल्क के चक्कर में ठीक से इलाज नहीं किया गया। इसी कारण मरीज की मौत हो गई।
लालगंज थानाक्षेत्र के कटिया गांव की उर्मिला (32) पत्नी अमरनाथ को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए वाराणसी रेफर कर दिया था, लेकिन देर रात होने के कारण घरवाले महिला को लेकर वाराणसी नहीं गए और चिकित्सालय में ही इलाज कराते रहे। शुक्रवार को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। खबर लगते ही परिवार के लोग नाराज हो गए।
सुविधा शुल्क न देने पर लापरवाही से इलाज करने का अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए हंगामा मचाने लगे। कहा कि गुरुवार की शाम से ही लापरवाही से इलाज किया जा रहा था। इससे उसकी हालत खराब होती चली गई। रेफर होने के बारे में पूछने पर बताया कि वे बनारस जाने की स्थिति में नहीं थे।
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गामा मचाए जाने की खबर लगते ही पहुंची अस्पताल चौकी की पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिवार के लोग बगैर पोस्टमार्टम कराए शव लेकर चले गए।
उधर सीएमओ डॉ. अशोक चौरसिया ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत करता है तो टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी।
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कहा कि सुविधा शुल्क के चक्कर में ठीक से इलाज नहीं किया गया। इसी कारण मरीज की मौत हो गई।
लालगंज थानाक्षेत्र के कटिया गांव की उर्मिला (32) पत्नी अमरनाथ को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए वाराणसी रेफर कर दिया था, लेकिन देर रात होने के कारण घरवाले महिला को लेकर वाराणसी नहीं गए और चिकित्सालय में ही इलाज कराते रहे। शुक्रवार को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। खबर लगते ही परिवार के लोग नाराज हो गए।
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सुविधा शुल्क न देने पर लापरवाही से इलाज करने का अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए हंगामा मचाने लगे। कहा कि गुरुवार की शाम से ही लापरवाही से इलाज किया जा रहा था। इससे उसकी हालत खराब होती चली गई। रेफर होने के बारे में पूछने पर बताया कि वे बनारस जाने की स्थिति में नहीं थे।
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गामा मचाए जाने की खबर लगते ही पहुंची अस्पताल चौकी की पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिवार के लोग बगैर पोस्टमार्टम कराए शव लेकर चले गए।
उधर सीएमओ डॉ. अशोक चौरसिया ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत करता है तो टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी।