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दहेज हत्या में पति को आजीवन
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:26 AM IST
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मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट देवकांत शुक्ला ने दहेज हत्या के आरोपियों का दोष सिद्घ होने पर मंगलवार को पति को आजीवन तथा देवर व ससुर को सात सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को छह छह हजार रुपये के जुर्माने से दंडित कर जेल भेज दिया।
अभियोजन अनुसार मड़िहान थाना क्षेत्र के कुटहा साहू गांव निवासी चंद्रभूषण पाल तथा उसके पिता फुल्लर पाल, भाई बृजभूषण पाल के ऊपर आरोप है कि थाना लालगंज के क्षेत्र के लहंगपुर गांव निवासी प्यारेलाल पुत्र कवलेश्वर पाल की लड़की सुषमा को दहेज में मोटर साइकल की मांग को लेकर मारते पीटते हुए प्रताड़ित करते थे। लड़की पहली बार विदा होकर पिता के घर आई तो दहेज की मांग की बात बताई। उसने पंचायत किया। पंच के सामने लिखा पढ़ी कर विदाई किया। दस जुलाई 2015 को बृज भूषण द्वारा सूचना दिया गया कि उसकी लड़की सुषमा गायब हो गई है। खोजबीन करने पर उसकी लाश दूसरे दिन गांव के बगल स्थित एक नाले में पड़ी मिली थी। मृतका सुषमा के पिता ने मड़िहान थाने में पति समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ 498 ए,304 बी तथा 3,4 दहेज प्रतिषेध अधिनियिम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। जिसकी सुनवाई न्यायालय द्वारा मंगलवार को की गई। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने सात गवाह प्रस्तुत कराये। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गशवाहों के बयान तथा अधिवक्ताओं की दस्त्रत्त्लील के बयान के आधचारब पर न्यायालय ने पति जचंद्रपाल को आजीवन कारावास तथा देवर बृजभूषण और ससुर फल्लुर को सात वर्ष की कठोर कारावास के साथ छह-छह हजार रुपये के जुर्माना लगाया।
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