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अपहरित किए गए कपड़ा व्यवसायी पिता पुत्र घर लौटे
Updated Thu, 05 Oct 2017 01:27 AM IST
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सीखड़। चुनार कोतवाली क्षेत्र के अदलपुरा गांव से मंगलवार की भोर में अपहरण किए गए कपड़ा व्यवसायी पिता और पुत्र देर रात घर पहुंच गए। रात में ही परिवार के साथ चुनार के अदलपुरा पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों का बयान दर्ज करने के बाद बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। अदलपुरा बाजार के कपड़ा व्यवसायी अशोक केेशरी (45) तथा उनके पुत्र कल्लू केशरी (25) का मंगलवार की भोर तीन बजे कुछ बदमाशों ने कफन खरीदने के बहाने घर से बुला कर कर गांव के पास से अपहरण कर लिया था।
मंगलवार की देर रात परिवार के साथ चुनार कोतवाली के अदलपुरा पुलिस चौकी पहुंचे कपड़ा व्यवसायी अशोक केशरी ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की भोर कुछ बदमाश कफन खरीदने के बहाने मुझे घर से बुला कर दूकान पर ले गए। जैसे ही दूकान खोलने लगा वैसे ही दो लोगों ने उसके हाथ से चाबी छीन कर फेंक दी। मुझे तथा मेरे पुत्र को गाड़ी में बैठा लिया। गमछे से दोनों का चेहरा ढंक कर एक सुनसान स्थान पर ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। पूरे दिन पानी तक नहीं दिया। शाम होने पर दो बदमाश पहुंचे और कहा कि उसने मकान बेचा है, जिसके एवज में उसे लाखों रुपये मिले होंगे। उसमें से पांच लाख रुपए उनको दे दें। जब मैने बताया कि मेरे पास एक पैसा भी नहीं है। जो पैसा मिला था उससे कर्ज चुका दिया है। यह सुनते ही बदमाशों ने हमें मारापीटा और वहां से चले गए। रात करीब आठ बजे फिर आए और दोबारा मारने-पीटने के बाद गमछे से मुंह ढंक कर मुगलसराय ले गए। वहां बेहोशी की दवा सुंघाने के बाद सिंघीताली के पास फेंक कर भाग निकले। होश में आने पर रात करीब साढ़े 11 बजे वह किसी तरह वाराणसी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित टेंगरा मोड़ पहुंचे। दोनों साधन का इंतजार कर रहे थे कि चुनार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए रिश्तेदारों के साथ जा रही पत्नी चंद्रावती को देखा तो उसकी गाड़ी रोकवाई। जिनके साथ वह रात 12 बजे घर पहुंचे।
मंगलवार की देर रात परिवार के साथ चुनार कोतवाली के अदलपुरा पुलिस चौकी पहुंचे कपड़ा व्यवसायी अशोक केशरी ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की भोर कुछ बदमाश कफन खरीदने के बहाने मुझे घर से बुला कर दूकान पर ले गए। जैसे ही दूकान खोलने लगा वैसे ही दो लोगों ने उसके हाथ से चाबी छीन कर फेंक दी। मुझे तथा मेरे पुत्र को गाड़ी में बैठा लिया। गमछे से दोनों का चेहरा ढंक कर एक सुनसान स्थान पर ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। पूरे दिन पानी तक नहीं दिया। शाम होने पर दो बदमाश पहुंचे और कहा कि उसने मकान बेचा है, जिसके एवज में उसे लाखों रुपये मिले होंगे। उसमें से पांच लाख रुपए उनको दे दें। जब मैने बताया कि मेरे पास एक पैसा भी नहीं है। जो पैसा मिला था उससे कर्ज चुका दिया है। यह सुनते ही बदमाशों ने हमें मारापीटा और वहां से चले गए। रात करीब आठ बजे फिर आए और दोबारा मारने-पीटने के बाद गमछे से मुंह ढंक कर मुगलसराय ले गए। वहां बेहोशी की दवा सुंघाने के बाद सिंघीताली के पास फेंक कर भाग निकले। होश में आने पर रात करीब साढ़े 11 बजे वह किसी तरह वाराणसी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित टेंगरा मोड़ पहुंचे। दोनों साधन का इंतजार कर रहे थे कि चुनार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए रिश्तेदारों के साथ जा रही पत्नी चंद्रावती को देखा तो उसकी गाड़ी रोकवाई। जिनके साथ वह रात 12 बजे घर पहुंचे।
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