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शराब पीकर मां को गाली देने पर बेटे ने बदमाश की हत्या
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:47 PM IST
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मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के लालडिग्गी कोहरान बस्ती में शराब पीकर मां के साथ गालीगलौज करने सजायाफ्ता बदमाश की शुक्रवार की रात 10 बजे के करी बेटे ने पत्थर से मारकर जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद युवक फरार हो गया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। मृतक के भाई की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार सिंह ने कटरा कोतवाली में शनिवार को पत्रकारों को बताया कि लालडिग्गी के कोहरान बस्ती का निवासी शहजादे उर्फ कालिया मुहल्ले के ही उमाशंकर विश्वकर्मा के साथ सोफा बनाने का कार्य करता था। दस वर्ष पूर्व उमाशंकर की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद भी शहजादे का उसके घर आता-जाता था। इस पर उमाशंकर का बेटा सुमित विश्वकर्मा आपत्ति करता था। विरोध करने ने नाराज शहजादे अक्सर शराब पीकर आता था और गालीगलौज करने लगता था। यह बात सुमित को अच्छी नहीं लगती थी। शुक्रवार की रात भी शहजादे सुमित के घर पहुंचा और उसकी मां को गाली देने लगा। आपत्ति करने पर वह मारपीट पर उतारू हो गया। शोरगुल सुनकर सुमित बाहर निकला। रोजरोज की किचकिच से आजिज सुमित ने एक पत्थर उठाकर शहजादे के सिर पर जोर से प्रहार किया। शहजादे वहीं गिर पड़ा। जानकारी होते ही उसके परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कटरा कोतवाल श्रीकांत राय घायल शहजादे को जिला चिकित्सालय ले गए, जहां देखते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई शिवाज खां की तहरीर पर पुलिस ने सुमित विश्वकर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। शनिवार की दोपहर तीन बजे सूचना मिली कि वह ट्रेन से भागने की फिराक में है। पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
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लालडिग्गी निवासी शहजादे ने वर्ष 2006 में मुहल्ले में रहने वाली दो नर्तकियों पर तेजाब फेंक दिया था। इसमें एक युवती की मौत हो गई थी जबकि दूसरी गंभीर रूप से झुलस गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। छुटकर आने पर मादक पदार्थों की बिक्री करने लगा था। पुलिस ने वर्ष 2009 में इसे मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार कर एनडीपीएस के आरोप में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। इसी बीच नर्तकी हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने इसे सात साल की कैद सुना दी। आरोपी सजा काटकर आठ महीने पूर्व ही छूटा था। उसकी मोहल्ले में काफी दहशत थी।
क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार सिंह ने कटरा कोतवाली में शनिवार को पत्रकारों को बताया कि लालडिग्गी के कोहरान बस्ती का निवासी शहजादे उर्फ कालिया मुहल्ले के ही उमाशंकर विश्वकर्मा के साथ सोफा बनाने का कार्य करता था। दस वर्ष पूर्व उमाशंकर की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद भी शहजादे का उसके घर आता-जाता था। इस पर उमाशंकर का बेटा सुमित विश्वकर्मा आपत्ति करता था। विरोध करने ने नाराज शहजादे अक्सर शराब पीकर आता था और गालीगलौज करने लगता था। यह बात सुमित को अच्छी नहीं लगती थी। शुक्रवार की रात भी शहजादे सुमित के घर पहुंचा और उसकी मां को गाली देने लगा। आपत्ति करने पर वह मारपीट पर उतारू हो गया। शोरगुल सुनकर सुमित बाहर निकला। रोजरोज की किचकिच से आजिज सुमित ने एक पत्थर उठाकर शहजादे के सिर पर जोर से प्रहार किया। शहजादे वहीं गिर पड़ा। जानकारी होते ही उसके परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कटरा कोतवाल श्रीकांत राय घायल शहजादे को जिला चिकित्सालय ले गए, जहां देखते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के भाई शिवाज खां की तहरीर पर पुलिस ने सुमित विश्वकर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। शनिवार की दोपहर तीन बजे सूचना मिली कि वह ट्रेन से भागने की फिराक में है। पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
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लालडिग्गी निवासी शहजादे ने वर्ष 2006 में मुहल्ले में रहने वाली दो नर्तकियों पर तेजाब फेंक दिया था। इसमें एक युवती की मौत हो गई थी जबकि दूसरी गंभीर रूप से झुलस गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। छुटकर आने पर मादक पदार्थों की बिक्री करने लगा था। पुलिस ने वर्ष 2009 में इसे मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार कर एनडीपीएस के आरोप में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। इसी बीच नर्तकी हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने इसे सात साल की कैद सुना दी। आरोपी सजा काटकर आठ महीने पूर्व ही छूटा था। उसकी मोहल्ले में काफी दहशत थी।