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वाराणसी के गोताखोरों ने बरामद किया शव
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:31 AM IST
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अहरौरा। वाराणसी से आए गोताखोरों की टीम ने 18 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चूना दरी जल प्रपात में मंगलवार को स्नान के दौरान डूबे किशोर को बुधवार की सुबह जल प्रपात से बरामद कर लिया। परिजनों की तररीर पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बता दें कि ईद की बासी के अवसर पर वाराणसी के बड़ागांव निवासी युवकों की एक टोली दो बोलेरो से मंगलवार की दोपहर अहरौरा के चूना दरी जलप्रपात पर पिकनिक मनाने आए हुई थी। इसी दौरान बशीर का 16 वर्षीय पुत्र आफ़ताब आलम जल प्रपात के गहरे कुंड में डूब गया। आफ़ताब के साथियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मंगलवार की शाम गोताखोरों की मदद से डूबे किशोर को बाहर निकलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंधेरा होने के चलते सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार की तड़के से ही जाल और ट्यूब के सहारे गोताखोर किशोर के शव को ढूंढ़ने में जुट गए। लगभग 18 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह दस बजे शव बरामद कर लिया गया। गौरतलब है कि हर वर्ष चूना दरी में किसी न किसी की डूबने से मौत हो रही है। पिछले वर्ष बीएचयू के छात्रों का एक दल भी चूना दरी घूमने आया था जिसमें शामिल एक छात्र चूना दरी में नहाने उतरा था जो डूबने लगा था उसे बचाने के प्रयास में बीएचयू के एक प्रोफेसर का पुत्र दरी मेेें उतर गया था लेकिन दोनों की डूबने से मौत हो गई। दोनों के शवों को अगले दिन वाराणसी के गोताखोरों को बुला कर निकलवाना पड़ा था। इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया। चूना दरी पर अभी पर्यटकों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। न ही कोई चेतावनी बोड़ॱर ही लगाया गया है कि यह दुर्घटना क्षेत्र है इस पर संभल कर रहें।
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