फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   ब्लास्टिंग कर धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन-परिहवन

ब्लास्टिंग कर धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन-परिहवन

Sun, 16 Jul 2017 12:27 AM IST
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
ब्लास्टिंग कर धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन-परिहवन

विज्ञापन
पड़री। पहाड़ी ब्लाक की कई पहाड़ियों पर दिन-रात ब्लास्टिंग हो रही है। पत्थरों का अवैध तरीके से खनन व परिवहन किया जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन बेखबर है। बारिश से खदानों में पानी भर जाने के कारण खनन माफिया ने पहाड़ क्षेत्रों की ओर रूख कर लिया है। पहाड़ों पर मनमाने तरीके से खनन की वजह से औषधीय पेड़ों का नामोनिशान मिटता चला जा रहा है। जंगली जानवरों का भी आशियाना उजड़ रहा है। प्रदूषण का भी खतरा बना हुआ है।

विकास खंड पहाड़ी के अधिकांश जितने भी पत्थर खदानों पर खुलेआम मानक की अनदेखी कर पहाड़ों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है, बावजूद इसके संबंधित विभाग लापरवाह बना हुआ है। पहाड़ों पर ब्लास्टिंग से उड़ने वाली गर्द, गुबार और धुएं व क्रशर के उड़ रही धूल से आसपास के गांवों में रहने वाले लोग सांस की बीमारी से ग्रसित होते जा रहे हैं। लीज की आड़ में खनन माफिया पहाड़-जंगल क्षेत्रों में अवैध पत्थर खनन कर राजस्व सहित पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। पहाड़ी ब्लाक के खदानों पर खुलेआम मानक की अनदेखी करते हुए पहाड़ों का अस्तित्व मिटाया जा रहा है। क्षेत्र के डगमगपुर, गोपालपुर, मड़फा, जरहां, थानापुर, सिद्घि, चांदलेवा, पहाड़ी, गहिरा, दाढ़ीराम, सुखनई, लहौरा, पहिंती, मनोहरपुर, गगोदरा आदि गांवों की पहाड़ियों पर अवैध पत्थर का खनन व परिवहन बेखौफ होकर किया जा रहा है। खनन माफिया जलाशयों के करीब स्थित पहाड़ों पर भी ब्लास्टिंग करने से परहेज नहीं कर रहे हैं, जिससे जलाशयों पर भी दरार पड़ जा रहे हैं। जांच के नाम पर विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, जिससे माफियाओं का मनोबल बढ़ता चला जा रहा है। क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अवैध खनन रोकवाने की मांग की है, जिससे पर्यावरण की रक्षा हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed