बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर डाक्टर को पीटा

Updated Sun, 04 Jun 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
विज्ञापन

मिर्जापुर। विंध्याचल के एक युवक की अबूझ हाल में मौत होने पर शनिवार की सुबह उसके परिजनों ने मंडलीय चिकित्सालय में जमकर बबाल किया। आक्रोशित परिजन सुई लगाने से मरीज की मौत होने का आरोप लगाते हुए डाक्टर की पिटाई कर दी। जबकि डाक्टरों का कहना है मरीज ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था जिससे उसकी मौत हुई है। करीब तीन घंटे तक चले बवाल से नाराज डाक्टरों ने इंमरजेंसी ड्यूटी करने से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे एसआईसी ने मामले को शांत कराया।
विंध्याचल थाना क्षेत्र के विंध्याचल निवासी अनिकेत 18 वर्ष पुत्र संतोष दूबे के परिजनों के अनुसार अनिकेत शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। देर रात उसे अचानक उल्टी होने लगी। जानकारी होने पर सुबह उसे जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां परिजनों का आरोप था कि सुई लगाने से उसकी मौत हो गई। उधर वार्ड में मरीज को चेक करने गए डा. देवर्षि पाठक ने जब बताया कि मरीज की मौत हो गई है तो उसके परिजन हंगामा करने लगे। डाक्टर व स्टाफ से अभद्र व्यवहार कर मारपीट ऊतारु हो गए। मरीजों का व्यवहार देख डा.देवर्षि पाठक भी नाराज हो गए। कहा कि जब मेरी कोई गलती नहीं है तो फिर मुझझे विवाद क्यों किया जा रहा है। करीब एक घंटे तक मचे बचाल के बाद किसी तरह मामला शांत कराया। कुछ देर बाद एक फिर मरीज के परिजन इमरजेंसी में पहुंचे और पोस्टमार्टम न कराने को लेकर वहां बैठे डा. तरुन सिंह से विवाद कर लिया। कहा कि उनके मरीज को एंबुलेंस में लाद कर पीछे छिपा दिया गया ताकि सीएम के आने के दौरान कोई बबाल नहीं हो सके। मामला बढ़ने पर महिलाएं डाक्टर को मारने पीटने लगीं। इससे डाक्टर नाराज हो गए और इंमरजेंसी में ड्यूटी करने से इंकार कर दिया। नाराज डाक्टरों ने एक नामजद तथा कई अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना, मारपीट करना, अस्पताल में तोड़फोड़ करने के आरोप में तहरीर दी है। डाक्टरों ने कहा कि इस तरह की वारदात अधिक हो रही है। इसलिए इस माहौल में काम करना मुश्किल हो गया है। मामले से डीएम विमल दूबे और एसपी आशीष तिवारी तथा एसआईसी डा. ओपी शाही को अवगत करा दिया गया है। कोई कदम नहीं उठाया गया तो वह लोग कार्य बहिष्कार करने को मजबूर हो जाएंगे। इस संबंध में डा.तरुण ने अस्पताल में जो सुई है वहीं कंट्रोल करने के लिए लगाया था। अगर सुई में गड़बड़ी है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आ जाएगा कि मरीज की मौत सुई से हुई या जहर के सेवन करने से हुई है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us