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सिपाहियों के बेटों और छात्रों ने लूटकांड की वारदात अंजाम
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मिर्जापुर। आज की चकाचौंध जिंदगी का शौक पूरा करने के लिए सिपाही के बेटे और छात्र लूटेरे बन गए। प्रतिदिन उनके बढ़ रहे खर्च ने उनको गलत रास्ता अख्तियार करने पर मजबूर कर दिया। जब समाज के सामने उनका चेहरा इन वारदातों में आया तो पुलिस के साथ परिजन भी सुनकर भौचक्के रह गए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था के उनके घर के लाड़ले इस तरह की घटना को अंजाम दे सकते है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के घुरूहूपटटी मोहल्ला निवासी विशाल शर्मा पुत्र राजेेंद्र शर्मा कक्षा 12 का छात्र है। पढ़ने लिखने में वह काफी तेज है। विशाल की लत ने उसे बिगाड़कर रख दिया। आज के दौर की चकाचौंध वाले शौक को पूरा करने के लिए उसने किसी से पांच हजार रुपया ब्याज पर कर्ज ले लिया। जिसे चुकाने में देर हुई तो ब्याज बढ़ता गया। ब्याज के दलदल में फंसते हुए विशाल ने अपराध की दुनिया में कदम रखकर जल्द पैसा कमाकर लिए हुए कर्ज को अदा करने की ठान ली। इसी तरह बलिया जनपद में पुलिस विभाग में आरके बाबू के पद पर तैनात कृष्ण बहादुर सिंह निवासी नई बस्ती सिविल लाइन पेट्रोल पंप शहर कोतवाल के बेटा सूरज सिंह को भी महंगे मोबाइल और बाइक चलाने का शौक लग गई। जिसे पूूरा करने के लिए वह जरायम की दुनिया में कूद पड़ा। वहीं गाजीपुर जनपद के एक थाने पर तैनात चल रहे सिपाही श्याम कुमार का बेटा अमन कुमार भी ठाठ का जीवन गुजारने के लिए अपराध की दुनिया में कूद पड़ा। वहीं लोगों को शिक्षा देने वाले रामजीलाल निवासी श्रीवास्तव कालोनी रमईपटटी का बेटा सत्यम श्रीवास्तव भी गलत संगत में पड़कर अपराध की दुनिया में पहुंच गया। ये चारों छात्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं। सभी की उम्र 20 से 22 साल के अंदर है। परिवार भी इनके भविष्य को उज्ज्वल् करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि यह लोग अपने भविष्य को उज्ज्वल करने की बजाय अंधकार की ओर ले जा रहे हैं।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के घुरूहूपटटी मोहल्ला निवासी विशाल शर्मा पुत्र राजेेंद्र शर्मा कक्षा 12 का छात्र है। पढ़ने लिखने में वह काफी तेज है। विशाल की लत ने उसे बिगाड़कर रख दिया। आज के दौर की चकाचौंध वाले शौक को पूरा करने के लिए उसने किसी से पांच हजार रुपया ब्याज पर कर्ज ले लिया। जिसे चुकाने में देर हुई तो ब्याज बढ़ता गया। ब्याज के दलदल में फंसते हुए विशाल ने अपराध की दुनिया में कदम रखकर जल्द पैसा कमाकर लिए हुए कर्ज को अदा करने की ठान ली। इसी तरह बलिया जनपद में पुलिस विभाग में आरके बाबू के पद पर तैनात कृष्ण बहादुर सिंह निवासी नई बस्ती सिविल लाइन पेट्रोल पंप शहर कोतवाल के बेटा सूरज सिंह को भी महंगे मोबाइल और बाइक चलाने का शौक लग गई। जिसे पूूरा करने के लिए वह जरायम की दुनिया में कूद पड़ा। वहीं गाजीपुर जनपद के एक थाने पर तैनात चल रहे सिपाही श्याम कुमार का बेटा अमन कुमार भी ठाठ का जीवन गुजारने के लिए अपराध की दुनिया में कूद पड़ा। वहीं लोगों को शिक्षा देने वाले रामजीलाल निवासी श्रीवास्तव कालोनी रमईपटटी का बेटा सत्यम श्रीवास्तव भी गलत संगत में पड़कर अपराध की दुनिया में पहुंच गया। ये चारों छात्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं। सभी की उम्र 20 से 22 साल के अंदर है। परिवार भी इनके भविष्य को उज्ज्वल् करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि यह लोग अपने भविष्य को उज्ज्वल करने की बजाय अंधकार की ओर ले जा रहे हैं।
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