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एटलस कंपनी का फर्जी तरीके से लाखों रुपया भुगतान करा रहे दो लोग पकड़े गए
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:05 AM IST
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मिर्जापुर। नगर के रमईपट्टी स्थित पंजाब नेेशनल बैंक से एक कंपनी के नाम पर फर्जी तरीके से 22 लाख रुपया भुगतान कराने का प्रयास कर रहे दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है जबकि मुख्य आरोपी को पुलिस दबोचने में नाकाम हो गई। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पुलिस को किसी बड़े मामले का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक ठेकेदार समेत दो लोगों ने सोमवार को रमईपट्टी स्थित पंजाब नेशनल बैंक में
12 लाख 70 हजार 320 रुपये का एक चेक भुगतान के लिए लगाया था। जब कैशियर ने चेक को कैश कराने के लिए कंपनी के एकाउंट नंबर पर पैसा डाला तो इसकी जानकारी एटलस कंपनी हरियाणा के जीएम अशोक कुुमार हो गई। उन्होंने तत्काल बैंक के मैनेजर को फोन कर बताया कि उनके खाते से कोई फर्जी तरीके से पैसे का भुगतान कराने का प्रयास कर रहा है। इसलिए भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही पैसे का भुगतान कराने के लिए आने वाले लोगों को बैठा कर पुलिस के हवाले कर दिया जाए। शिकायत मिलते ही मंगलवार को जैसे ही ठेकेदार अपने साथी के साथ आया वैसे ही बैंककर्मियों ने पुलिस को मामले से अवगत करा दिया। मौके पर पहुंचे फतहां चौकी प्रभारी ने दोनों ठेकेदार एवं बैंक कर्मी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद बैंककर्मी को छोड़ दिया गया लेकिन ठेकेदार समेत दोनों को बैठाए रखा। पाया गया कि नगर निवासी ठेकेदार समेत दो लोगों को सोनभद्र के रेनुकूट निवासी एक व्यक्ति मिला था। जिसके पास एटलस कंपनी का दो चेक होना बताया जा रहा है। जिसका भुगतान कराने पर 25 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही गई थी। कमीशन के लालच में दोनों आरोपियों ने 16 दिसंबर को पहला चेक नौ लाख 95 हजार 210 रुपये का भुगतान के लिए बैंक में लगाया। जिसका भुगतान हो गया। खाते में पैसा आते ही ठेकेदार ने आठ लाख रुपया भी निकाल लिया। दो दिन बाद ठेकेदार समेत दोनों लोग 18 दिसंबर को फिर बैंक पहुंचे और 12 लाख 70 हजार 320 रुपये का दूसरा चेक भुगतान के लिए लगाया। जैसे ही चेक लगाया वैसे ही एटलेस कंपनी हरियाणा के जीएम फाइनेंस अशोक कुमार को मामले की जानकारी हो गई उन्होंने तत्काल बैंक के मैनेजर को फोन कर मामले से अवगत कराते हुए पैसे का भुगतान नहीं करने को कहा। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी बाजीराव कटरा स्थित एक होटल में रुका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस कमरे का ताला खोलवाई, लेकिन आरोपी नहीं मिला।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक ठेकेदार समेत दो लोगों ने सोमवार को रमईपट्टी स्थित पंजाब नेशनल बैंक में
12 लाख 70 हजार 320 रुपये का एक चेक भुगतान के लिए लगाया था। जब कैशियर ने चेक को कैश कराने के लिए कंपनी के एकाउंट नंबर पर पैसा डाला तो इसकी जानकारी एटलस कंपनी हरियाणा के जीएम अशोक कुुमार हो गई। उन्होंने तत्काल बैंक के मैनेजर को फोन कर बताया कि उनके खाते से कोई फर्जी तरीके से पैसे का भुगतान कराने का प्रयास कर रहा है। इसलिए भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही पैसे का भुगतान कराने के लिए आने वाले लोगों को बैठा कर पुलिस के हवाले कर दिया जाए। शिकायत मिलते ही मंगलवार को जैसे ही ठेकेदार अपने साथी के साथ आया वैसे ही बैंककर्मियों ने पुलिस को मामले से अवगत करा दिया। मौके पर पहुंचे फतहां चौकी प्रभारी ने दोनों ठेकेदार एवं बैंक कर्मी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद बैंककर्मी को छोड़ दिया गया लेकिन ठेकेदार समेत दोनों को बैठाए रखा। पाया गया कि नगर निवासी ठेकेदार समेत दो लोगों को सोनभद्र के रेनुकूट निवासी एक व्यक्ति मिला था। जिसके पास एटलस कंपनी का दो चेक होना बताया जा रहा है। जिसका भुगतान कराने पर 25 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही गई थी। कमीशन के लालच में दोनों आरोपियों ने 16 दिसंबर को पहला चेक नौ लाख 95 हजार 210 रुपये का भुगतान के लिए बैंक में लगाया। जिसका भुगतान हो गया। खाते में पैसा आते ही ठेकेदार ने आठ लाख रुपया भी निकाल लिया। दो दिन बाद ठेकेदार समेत दोनों लोग 18 दिसंबर को फिर बैंक पहुंचे और 12 लाख 70 हजार 320 रुपये का दूसरा चेक भुगतान के लिए लगाया। जैसे ही चेक लगाया वैसे ही एटलेस कंपनी हरियाणा के जीएम फाइनेंस अशोक कुमार को मामले की जानकारी हो गई उन्होंने तत्काल बैंक के मैनेजर को फोन कर मामले से अवगत कराते हुए पैसे का भुगतान नहीं करने को कहा। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी बाजीराव कटरा स्थित एक होटल में रुका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस कमरे का ताला खोलवाई, लेकिन आरोपी नहीं मिला।
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