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स्चच्छता के लिए सहयोग जरूरी
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:45 AM IST
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अमरावती स्थित शक्ति संकल्प समारोह में उपस्थित महिलाएं ।
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सगरा कंतित विंध्याचल स्थित प्रबोधिनी शक्तिधाम में महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन के तत्वावधान में महाशक्ति सम्मेलन की द्वितीय वर्षगांठ सोमवार को मनाई गई । उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी। डीएम ने मौजूद लोगों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया, जिससे जिले को खुले में शौच मुक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन में तमाम तरह की समस्याएं हैं, जिन्हें हम शनै: शनै: धीरज के साथ प्रयास करते हुए समाधान करते हैैं। आज समाज के समक्ष खुले में शौच एक समस्या बनी हुई है, यह किसी भी राष्ट्र के लिए न ही न्यायोचित है, न ही संस्कारिक है। सिर्फ सरकारी प्रयास से इस अभिशाप से मुक्ति नहीं पाई जा सकती इसके लिए सबको सोच बदलनी होगी। इसके लिए एक सामाजिक अभियान चलाना होगा। अभियान में महिलाएं एवं बेटियां एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सीडीओ अमित कुमार सिंह ने कहा कि खुले में शौच एक सामाजिक अभिशाप है, इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज की शक्ति महिलाओं को आगे आना होगा।
जिससे एक-एक गांव को खुले से शौच मुक्त बनाया जा सके।
महासचिव नंदिनी मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं किशोरियों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर किए कार्यों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन का सूत्र आओ हम संकल्प जगाएं, खुले में शौच मुक्त हर गांव बनाएं है । इस संकल्प सूत्र को लेकर पूरे वर्ष भर 1001 गांवों में शक्ति संकल्प समारोह का आयोजन करके गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा। निदेशक विभूति मिश्र ने कार्ययोजना को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में श्रीमोहन शुक्ल, अनिल , सूर्यभान, सुभाश्री, राजेंद्र, संध्या, श्रवण, लूबना, श्रीराठैर, अमित, अवध, महविश, श्रीनारायण, नगीना, अनीश, शकीना, विनोजा, साधाना, दिनेश, आशीष आदि रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन में तमाम तरह की समस्याएं हैं, जिन्हें हम शनै: शनै: धीरज के साथ प्रयास करते हुए समाधान करते हैैं। आज समाज के समक्ष खुले में शौच एक समस्या बनी हुई है, यह किसी भी राष्ट्र के लिए न ही न्यायोचित है, न ही संस्कारिक है। सिर्फ सरकारी प्रयास से इस अभिशाप से मुक्ति नहीं पाई जा सकती इसके लिए सबको सोच बदलनी होगी। इसके लिए एक सामाजिक अभियान चलाना होगा। अभियान में महिलाएं एवं बेटियां एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सीडीओ अमित कुमार सिंह ने कहा कि खुले में शौच एक सामाजिक अभिशाप है, इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज की शक्ति महिलाओं को आगे आना होगा।
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जिससे एक-एक गांव को खुले से शौच मुक्त बनाया जा सके।
महासचिव नंदिनी मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं किशोरियों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर किए कार्यों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन का सूत्र आओ हम संकल्प जगाएं, खुले में शौच मुक्त हर गांव बनाएं है । इस संकल्प सूत्र को लेकर पूरे वर्ष भर 1001 गांवों में शक्ति संकल्प समारोह का आयोजन करके गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा। निदेशक विभूति मिश्र ने कार्ययोजना को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में श्रीमोहन शुक्ल, अनिल , सूर्यभान, सुभाश्री, राजेंद्र, संध्या, श्रवण, लूबना, श्रीराठैर, अमित, अवध, महविश, श्रीनारायण, नगीना, अनीश, शकीना, विनोजा, साधाना, दिनेश, आशीष आदि रहे।
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