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कृषि कानून के विरोध में भाकिसे ने किया प्रदर्शन
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चुनार। भारतीय किसान सेना के सदस्यों ने कृषि कानून पेट्रोल, डीजल मूल्यवृद्धि व किसान समस्याओं का विरोध में सोमवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर पीएम को संबोधित 12 सूत्रीमांग पत्र तहसीलदार को सौंपा।
नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय भाकिसे अध्यक्ष रामराज सिंह पटेल ने कहा कि तीन महीने से किसान कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठक प्रदर्शन कर साफ कर दिय है कि कृषि कानून वापसी तक प्रदर्शन करते रहेंगे। देश की राजधानी के चारों तरफ किसान आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान डेढ़ सौ से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके हैं लेकिन सरकार किसानों की आवाज नहीं सुन रही है। भारतीय किसान सेना किसान समस्या समाधान के लिए 18 मार्च को तहसील मुख्यालय पर किसान महापंचायत करेगी। उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस हो क्योंकि तीनों कृषि कानून किसान विरोधी है। कानून लागू होने से देश के किसान बर्बाद हो जाएंगे। हालांकि सरकार बार बार यह कह रही है कि कृषि कानून किसानों क ी बेहतरी के लिए है। इस दौरान किसानों ने पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम पर चिंता जताई। किसानों ने कहा कि देश की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है इसलिए पेट्रोल और डीजल से सभी तरह के कर हटाकर सही लागत मूल्य 32 प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमत कम की जाय। जमुई स्थित पद्मावती शीत गृह बंद होने से स्थानीय किसान परेशान है इसलिए पद्मावती शीत गृह को किसान हित में क्षेत्रीय किसानों के आलू भंडारण के लिए अबिलंब अनुमति प्रदान करनें की मांग उठाई। इस दौरान मुन्ना चौबे, अवधेश सिंह, सुनील मौर्या, त्रिभुवन मौर्या, विद्यानंद सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय भाकिसे अध्यक्ष रामराज सिंह पटेल ने कहा कि तीन महीने से किसान कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठक प्रदर्शन कर साफ कर दिय है कि कृषि कानून वापसी तक प्रदर्शन करते रहेंगे। देश की राजधानी के चारों तरफ किसान आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान डेढ़ सौ से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके हैं लेकिन सरकार किसानों की आवाज नहीं सुन रही है। भारतीय किसान सेना किसान समस्या समाधान के लिए 18 मार्च को तहसील मुख्यालय पर किसान महापंचायत करेगी। उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस हो क्योंकि तीनों कृषि कानून किसान विरोधी है। कानून लागू होने से देश के किसान बर्बाद हो जाएंगे। हालांकि सरकार बार बार यह कह रही है कि कृषि कानून किसानों क ी बेहतरी के लिए है। इस दौरान किसानों ने पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम पर चिंता जताई। किसानों ने कहा कि देश की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है इसलिए पेट्रोल और डीजल से सभी तरह के कर हटाकर सही लागत मूल्य 32 प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमत कम की जाय। जमुई स्थित पद्मावती शीत गृह बंद होने से स्थानीय किसान परेशान है इसलिए पद्मावती शीत गृह को किसान हित में क्षेत्रीय किसानों के आलू भंडारण के लिए अबिलंब अनुमति प्रदान करनें की मांग उठाई। इस दौरान मुन्ना चौबे, अवधेश सिंह, सुनील मौर्या, त्रिभुवन मौर्या, विद्यानंद सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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