Basant Panchami 2025: वसंत पंचमी पर गंगा में लगाई डुबकी, मंदिरों में श्रद्धालुओं ने किया दर्शन-पूजन
Basant Panchami 2025 : वसंत पंचमी के अवसर पर मिर्जापुर जिले में मंदिरों से लेकर घाटों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखी। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु पंचमुखी महादेव व तारकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन- पूजन के लिए पहुंचे। वहीं मां विंध्यवासिनी दरबार में भक्तों की कतार लगी रही।
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वसंत पंचमी पर सोमवार को श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में स्थित गंगा घाट भोर से ही श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। गंगा स्नान के पश्चात लोगों ने घाटों पर स्थित विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया।
नगर स्थित बरियाघाट, बावाघाट, पक्काघाट, कचहरीघाट सहित अन्य घाटों पर पुरुषों और महिलाओं का सोमवार को झुंड पहुंच रहा था। स्नानार्थियों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। बरियाघाट पर गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने श्री पंचमुखी महादेव व तारकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया।
वसंत पंचमी पर विकास खंड कोन के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। जिगना क्षेत्र के हरगढ़, गौरा, काशीसरपत्ती, नौचौगहरवार, गोगांव, चेहरा, नौगांव, जीपा, नदिनी, चडैचा, भिलगौर, कोठरामिश्रान, डंगहर, दुगौली, मिश्रपुर, उंचडीह, बबुरा, नगवासी व बसेवरा आदि गंगाघाटों पर लोगों ने गंगा स्नान कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। चुनार क्षेत्र में भी लोगों ने गंगा स्नान कर मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। बालूघाट, संतोषी माता मंदिर घाट, शिवाला घाट, बावन जी पाट, रामघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन को भोर उमड़े रहे श्रद्धालु
वसंत पंचमी व गुप्त नवरात्रि पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए भोर से ही श्रद्धालु उमड़े रहे। दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। आस्था धाम स्थित विभिन्न गंगा घाटों पर काफी संख्या में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य के भागी बने। गंगा स्नान के बाद मां विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचकर भक्तों ने जगत जननी मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया।
श्रद्धालु फूलों से किए गए मां विंध्यवासिनी के भव्य श्रृंगार का दर्शन निहाल हो रहे थे। मंदिर की छत पर साधक मंत्रोच्चार के बीच साधना में तल्लीन रहे। काफी संख्या में श्रद्धालु जनेऊ व मुंडन संस्कार कराने में जुटे रहे। शंख, नगाड़े के बीच माता के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। दर्शन पूजन के उपरांत श्रद्धालु मंदिर की छत पर मंदिर के गुंबद व कुंड की परिक्रमा करने में जुटे रहे।