फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Bail of former ministers was there

पूर्व मंत्रियों की नहीं बची थी जमानत

Sun, 15 Jan 2017 12:21 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर Updated Sun, 15 Jan 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
Bail of former ministers was there
राजनी‌ति - फोटो : demo

विज्ञापन
चुनार विधानसभा क्षेत्र प्रदेश की राजनीति में हमेशा चर्चित रहा है। यहां के मतदाता आंख मूंद कर मतदान नहीं करते। प्रदेश की राजनीति में जोरदार दखल रखने वाले नेता ओमप्रकाश सिंह हों या शिवदशा तिवारी दोनों को यहां वोटरों ने जिताकर सूबे की राजनीति में चमकाया तो उन्हें समय आने पर झटका भी दिया।  बीएचयू के छात्र राजनीति से पालिटिक्स का सफर शुरू करने वाले यदुनाथ सिंह ने 1980 के विधानसभा चुनाव में एक साथ दो पूर्व मंत्रियों की जमानत जब्त कराई थी। वे 1993 तक लगातार पांच बार यहां से विधानसभा पहुंचे।


सन् 1880 से भाजपा नेता ओमप्रकाश सिंह होमागार्ड एवं कारागार मंत्री थे। उनकी पहचान युवा नेता के रूप में इलाके में थी।  उनके सामने जनता पार्टी के नेता शिवदास तिवारी चुनाव लड़ रहे थे। वे तत्कालीन सरकार में पर्यटन राज्य मंत्री थे। उनको यदुनाथ सिंह के हाथों करारी हार तो झेलनी ही पड़ी। इन दोनों  कद्दावर नेताओं की जमानत तक जब्त हो गई थी।
विज्ञापन



ओम प्रकाश सिंह ने 1996 तक चुनार विधानसभा क्षेत्र से विधायक नहीं बन पाए जबकि शिवदास तिवारी को विधानसभा में पहुंचने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। 1996 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी ओम प्रकाश सिंह ने अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा लौटा ली जो वर्ष 2012 तक कायम रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन



हवा ऐसी थी कि 1980 में लोकदल के प्रत्याशी यदुनाथ सिंह का चुनावी जुलूस ऐतिहासिक था। आज भी उसे याद किया जाता है। 1980-93 तक यदुनाथ सिंह  चुनार विधानसभा में जननेता का दर्जा हासिल था। लोग उन्हें बेहद प्यार करते थे। वे लगातार पांच बार यहां से जीते।


 1993 के बाद समय चक्र बदला और यदुनाथ सिंह चुनार की राजनीति से दूर हो गए, तब से चुनार विधानसभा क्षेत्र में ओमप्रकाश सिंह लगातार जीतते रहे। वर्ष 2012 के समाजवादी पार्टी की चुनावी लहर ने चुनार  जगतंबा सिंह पटेल ओम प्रकाश सिंह से यह सीट छीन ली। भाजपा पर समाजवाद की यह जीत कई मायने में अहम थी। 
इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अभी अपना पत्ता नहीं खोला है। यहां से ओम प्रकाश सिंह के बेटे अनुराग सिंह को पार्टी प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। यह भी कयास लगाया जा रहा है कि समझौते में पटेल बहुल होने के कारण यह सीट अपना दल की झोली में जा सकती है। 



सपा ने वर्तमान विधायक जगतंबा पटेल को टिकट दिया है। उनके सामने  अपनी प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती है। बसपा भी यहां अपना परचम लहराने को बेकरार है। बसपा ने अनमोल सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। माना जा रहा है कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामराज पटेल के कांग्रेस लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में पटेल एवं बियार बाहूल्य इस क्षेत्र में चुनार विधानसभा सीट पर एक बार फिर रोचक मुकाबला के आसार दिख रहे हैं। इंतजार है तो सभी प्रत्याशियों के मैदान में आने का।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed