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Mirzapur News: बाढ़ के बाद अब कटान का खतरा तीन स्थानों पर धंस गई जमीन
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बरियाघाट रैदानी कॉलोनी मार्ग के पास हो रही कटान।
- फोटो : संवाद
मिर्जापुर। जिले में बाढ़ के बाद अब कटान का खतरा बढ़ गया है। पानी कम होने के बाद गंगा किनारे बरियाघाट रैदानी कॉलोनी मार्ग, जयगीर घाट, विसुंदरपुर स्थित साहनी बस्ती में जमीन धंसने लगी है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस पर जिला प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो समस्या गंभीर हो सकती है।
मिर्जापुर नगर गंगा के तट पर बसा है। नगर का उत्तरी छोर गंगा के किनारे है। विंध्याचल से लेकर नगर तक घाटों की एक लंबी शृंखला है। समय-समय पर गंगा किनारे के तट या स्थान कटान के शिकार होते रहे हैं। उनकी मरम्मत भी कई बार कराई गई। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।
अभी हाल ही में साढ़े नौ करोड़ रुपये से मिर्जापुर नहर प्रखंड ने कटानरोधी काम शुरू किया था। तब तक फिर से बाढ़ आ गई। अभी वर्तमान में जिस स्थान पर जमीन धंसी है उससे ठीक आगे कटानरोधी काम चल रहा है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने ठीक से सर्वे नहीं कराया है या फिर जिस जगह पर जमीन धंस रही है उस जगह का ध्यान नहीं रखा गया है। अभी बरसात का सीजन बचा है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो समस्या बढ़ सकती है। यह स्थान पहले से ही कटान के लिए चिह्नित किया गया है।
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मिर्जापुर नगर गंगा के तट पर बसा है। नगर का उत्तरी छोर गंगा के किनारे है। विंध्याचल से लेकर नगर तक घाटों की एक लंबी शृंखला है। समय-समय पर गंगा किनारे के तट या स्थान कटान के शिकार होते रहे हैं। उनकी मरम्मत भी कई बार कराई गई। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।
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अभी हाल ही में साढ़े नौ करोड़ रुपये से मिर्जापुर नहर प्रखंड ने कटानरोधी काम शुरू किया था। तब तक फिर से बाढ़ आ गई। अभी वर्तमान में जिस स्थान पर जमीन धंसी है उससे ठीक आगे कटानरोधी काम चल रहा है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने ठीक से सर्वे नहीं कराया है या फिर जिस जगह पर जमीन धंस रही है उस जगह का ध्यान नहीं रखा गया है। अभी बरसात का सीजन बचा है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो समस्या बढ़ सकती है। यह स्थान पहले से ही कटान के लिए चिह्नित किया गया है।