{"_id":"6a5bd9e9eff5a9b895069c4d","slug":"advocates-abstain-from-judicial-work-in-protest-against-shifting-of-courts-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-157578-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: न्यायालयों के स्थानांतरण के विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से रहे विरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: न्यायालयों के स्थानांतरण के विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से रहे विरत
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की बैठक शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे बार सभागार में हुई। बैठक में न्यायालयों के प्रस्तावित स्थानांतरण के मुद्दे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
विचार-विमर्श के बाद अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सिविल जज (जूनियर डिवीजन) न्यायालय को मुख्यालय पर लाए जाने की मांग तथा फौजदारी न्यायालय के प्रस्तावित स्थानांतरण के विरोध में शनिवार को पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालयों के स्थानांतरण संबंधी किसी भी निर्णय से पहले अधिवक्ता समुदाय, वादकारियों और स्थानीय परिस्थितियों का समुचित आकलन किया जाना आवश्यक है। उनका कहना था कि न्यायालयों की वर्तमान व्यवस्था में किसी भी प्रकार का परिवर्तन ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे आम जनता, वादकारियों और अधिवक्ताओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़े या न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन सचिव जंग बहादुर सिंह ने किया।
विज्ञापन
मिर्जापुर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की बैठक शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे बार सभागार में हुई। बैठक में न्यायालयों के प्रस्तावित स्थानांतरण के मुद्दे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
विचार-विमर्श के बाद अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सिविल जज (जूनियर डिवीजन) न्यायालय को मुख्यालय पर लाए जाने की मांग तथा फौजदारी न्यायालय के प्रस्तावित स्थानांतरण के विरोध में शनिवार को पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालयों के स्थानांतरण संबंधी किसी भी निर्णय से पहले अधिवक्ता समुदाय, वादकारियों और स्थानीय परिस्थितियों का समुचित आकलन किया जाना आवश्यक है। उनका कहना था कि न्यायालयों की वर्तमान व्यवस्था में किसी भी प्रकार का परिवर्तन ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे आम जनता, वादकारियों और अधिवक्ताओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़े या न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन सचिव जंग बहादुर सिंह ने किया।
विज्ञापन