हाथरस कांड पर आप सांसद संजय सिंह ने साधा निशाना, बोले-पोल खुलने के डर से यूपी सरकार बचा रही डीएम को
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हाथरस कांड में डीएम के ऊपर कार्रवाई न होना यह बता रहा है कि सरकार बचाने में जुटी है। डीएम के पास सरकार के राज हैं। सीएम की पोल न खुले इसलिए सरकार डीएम को बचा रही है, जबकि डीएम ने ही पीड़िता के परिवार के साथ सबसे ज्यादा दुर्व्यवहार किया। ये आरोप आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को मिर्जापुर जिले के भरुहना स्थित बी सिंह मल्टी एकेडमी में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। साथ ही सोनभद्र के सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में हाथरस मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
पीएम मोदी और सीएम योगी को तानाशाह बताते हुए कहा कि इस समय देश की जो स्थिति है, वह आपातकाल से भी ज्यादा खराब है। सरकार महिला पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार कर रही है। हाथरस मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जांच से पहले ही फैसला सुना रहे हैं कि दुष्कर्म नहीं हुआ है। आठ दिन बाद एफआईआर लिखी जाती है। इलाज में 15 दिन लग जाते हैं।
जान चली जाने पर पीड़िता का शव जबरदस्ती जलाकर सबूत मिटा दिया जाता है और अब कह रहे हैं कि दुष्कर्म नहीं हुआ है। इससे सरकार की नीयत का पता चलता है। सरकार की नीयत न्याय देने वाली नहीं है और जो कुछ हो रहा है वह खानापूर्ति है।
कहा कि सारे अधिकारियों के मोबाइल जब्त किए जाएं। जिससे सच सामने आए कहा कि सही समय आने पर वह हाथरस कांड से संबंधित सबूत भी पेश करेंगे। सरकार पर जातिवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि जो भी सरकार जातिवाद करती है, तो सबसे पहले उस जाति के लोगों को उसका विरोध करना चाहिए। जातिवादी सरकार चलेगी तो जनता के साथ न्याय नहीं होगा।
हाथरस कांड ने देश के लोगों को झकझोरा है। सरकार तुगलकी फरमान सुना रही है। पीड़िता के पिता को जूतों से मारा जा रहा है। मां आंचल फैलाएं न्याय की भीख मांग रही है, पर सरकार उनकी सुनवाई नही कर रही है। मांग किया कि हाथरस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की मॉनिटरिंग में गठित सीबीआई टीम से कराई जाए।