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शीतलाधाम, दुर्गाखोह में एक लाख ने टेका मत्था
Mirzapur
Updated Fri, 19 Apr 2013 05:30 AM IST
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चुनार(सं.)। अदलपुरा स्थित प्रसिद्ध शीतला धाम व प्राचीन दुर्गाखोह मंदिर में नवरात्र के आठवें दिन लाखों भक्तों की भीड़ ने माता शीतला व देवी दुर्गा का दर्शन कर निहाल हो गए। भक्तों के जयकारे से पूरा मंदिर क्षेत्र गुंजायमान रहा।
शीतला धाम में आधी रात से ही भक्तों का जमावड़ा मंदिर परिसर में होने लगा था। भोर में माता का शृंगार व आरती के पश्चात पट खुलते ही भक्त माता के जयकारे लगाने लगे। उधर प्राचीन दुर्गा खोह मंदिर में भी अष्ट्मी के दिन हजारों भक्तों ने देवी दुर्गा का दर्शन पूजन किया और प्रसाद चढ़ाया। दोनों धामों में आनेे वाले भक्तों ने मनौती पूरी होने पर कढ़ाई चढ़ा कर हलुआ का प्रसाद बनाया और माता को चढ़ाया। कई भक्तों ने नवरात्र के पावन अवसर पर अपने बच्चों का मुंडन कराया तो किसी ने अपने बेटे बेटी को विवाह बंधन में बांधने का दायित्व पूरा किया। इसके अलावा भी क्षेत्र के मवैया देवी मंदिर, धुई बाबा, शिवशंकरी धाम मंदिरों में भी हजारों भक्तों ने दर्शन पूजन किया। दुर्गा खोह मंदिर में आने वालों भक्तों को पेयजल के लिए तरसना पड़ा। चहुंओर गंदगी का सम्राज्य रहा। कमोबेश यही हाल शीतला धाम का रहा। हालांकि शीतलाधाम में पुलिस ने दर्शनार्थियों के सुरक्षा को चाक चौबंद व्यवस्था की थी, लेकिन पेयजल व साफ सफाई में कमी नजर आयी। विद्युत आपूर्ती न होने से सायंकाल भीड़ व अंधेरे का फायदा उठाकर शीतलाधाम व दुर्गा मंदिर में पहुंचे शोहदों ने जमकर मनमानी किया। जेबकतरों ने कई बाहरी दर्शनार्थियों की जेबें कतर डाली।
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शीतला धाम में आधी रात से ही भक्तों का जमावड़ा मंदिर परिसर में होने लगा था। भोर में माता का शृंगार व आरती के पश्चात पट खुलते ही भक्त माता के जयकारे लगाने लगे। उधर प्राचीन दुर्गा खोह मंदिर में भी अष्ट्मी के दिन हजारों भक्तों ने देवी दुर्गा का दर्शन पूजन किया और प्रसाद चढ़ाया। दोनों धामों में आनेे वाले भक्तों ने मनौती पूरी होने पर कढ़ाई चढ़ा कर हलुआ का प्रसाद बनाया और माता को चढ़ाया। कई भक्तों ने नवरात्र के पावन अवसर पर अपने बच्चों का मुंडन कराया तो किसी ने अपने बेटे बेटी को विवाह बंधन में बांधने का दायित्व पूरा किया। इसके अलावा भी क्षेत्र के मवैया देवी मंदिर, धुई बाबा, शिवशंकरी धाम मंदिरों में भी हजारों भक्तों ने दर्शन पूजन किया। दुर्गा खोह मंदिर में आने वालों भक्तों को पेयजल के लिए तरसना पड़ा। चहुंओर गंदगी का सम्राज्य रहा। कमोबेश यही हाल शीतला धाम का रहा। हालांकि शीतलाधाम में पुलिस ने दर्शनार्थियों के सुरक्षा को चाक चौबंद व्यवस्था की थी, लेकिन पेयजल व साफ सफाई में कमी नजर आयी। विद्युत आपूर्ती न होने से सायंकाल भीड़ व अंधेरे का फायदा उठाकर शीतलाधाम व दुर्गा मंदिर में पहुंचे शोहदों ने जमकर मनमानी किया। जेबकतरों ने कई बाहरी दर्शनार्थियों की जेबें कतर डाली।
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