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जनता की खामोशी देश को ले डूबेगी
Mirzapur
Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
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मिर्जापुर। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जनता की खामोशी पर अन्ना समर्थक अनशनकारियों ने चिंता व्यक्त की। विकास खंड कोन के चील्ह तिराहे पर चल रहे क्रमिक अनशन के तीसरे दिन वक्ताओं ने कहा कि नागरिकताबोध की कमी से एक दिन फिर देश गुलामी की जंजीरों में बंध जाएगा। कहा गया कि भ्रष्टाचार का मुद्दा आंदोलन के नेतृत्व का नहीं, बल्कि देश की समस्या का है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चील्ह तिराहे पर चल रहे क्रमिक अनशन के दौरान कई राष्ट्रीय समस्याओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व पालिकाध्यक्ष अरुण कुमार दूबे ने कहा कि जनता की खामोशी में सरकार की बेशर्मी के बाद वाली स्तब्धता है। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने कहा कि शायद आम आदमी यही महसूस कर रहा है कि अब उनकी समस्याओं के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। श्री दूबे ने सावधान किया कि रास्ते तो तब बंद होंगे, जब आम जन मौन हो जाएगा। निर्मला राय ने कहा कि भ्रष्टाचार का एक कारण यह भी है कि आरक्षण के तहत महिलाएं कतिपय भ्रष्ट राजनीतिक घरानों का हथियार बन जाती हैं। आयूष सिंह ने कहा कि यह मुद्दा आंदोलन के नेतृत्व का नहीं, बल्कि देश की समस्या का है। राजेश कुमार दूबे ने अयोग्य नागरिक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार जनसंख्या चाहती है नागरिक नहीं। क्रमिक अनशन के तीसरे दिन भारत स्वाभिमान के सुमुख अग्रवाल एवं आईएसी के वरिष्ठ कार्यकर्ता राजेश सिन्हा ने भी सभी राष्ट्रवादियों से एकजुट होने का आह्वान किया। इस मौके पर संगठन के सह जिला प्रभारी डा. शक्ति श्रीवास्तव, भारत स्वाभिमान के केशव जी, रजत श्रीवास्तव, राधा त्रिपाठी, बृजेश बिंद, अरविंद कुमार, सत्य प्रकाश यादव, संदीप कुमार गुप्त, योगेश मिश्र, दिनेश कुमार मौर्य, राम छबीले सिंह, सनेही लाल विश्वकर्मा, पंकज कुमार, केएन श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चील्ह तिराहे पर चल रहे क्रमिक अनशन के दौरान कई राष्ट्रीय समस्याओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व पालिकाध्यक्ष अरुण कुमार दूबे ने कहा कि जनता की खामोशी में सरकार की बेशर्मी के बाद वाली स्तब्धता है। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने कहा कि शायद आम आदमी यही महसूस कर रहा है कि अब उनकी समस्याओं के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। श्री दूबे ने सावधान किया कि रास्ते तो तब बंद होंगे, जब आम जन मौन हो जाएगा। निर्मला राय ने कहा कि भ्रष्टाचार का एक कारण यह भी है कि आरक्षण के तहत महिलाएं कतिपय भ्रष्ट राजनीतिक घरानों का हथियार बन जाती हैं। आयूष सिंह ने कहा कि यह मुद्दा आंदोलन के नेतृत्व का नहीं, बल्कि देश की समस्या का है। राजेश कुमार दूबे ने अयोग्य नागरिक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार जनसंख्या चाहती है नागरिक नहीं। क्रमिक अनशन के तीसरे दिन भारत स्वाभिमान के सुमुख अग्रवाल एवं आईएसी के वरिष्ठ कार्यकर्ता राजेश सिन्हा ने भी सभी राष्ट्रवादियों से एकजुट होने का आह्वान किया। इस मौके पर संगठन के सह जिला प्रभारी डा. शक्ति श्रीवास्तव, भारत स्वाभिमान के केशव जी, रजत श्रीवास्तव, राधा त्रिपाठी, बृजेश बिंद, अरविंद कुमार, सत्य प्रकाश यादव, संदीप कुमार गुप्त, योगेश मिश्र, दिनेश कुमार मौर्य, राम छबीले सिंह, सनेही लाल विश्वकर्मा, पंकज कुमार, केएन श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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