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सरकार शिक्षामित्रों के हितों की कर रही अनदेखी
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:36 AM IST
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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट परिसर में तृतीय बैच असमायोजित शिक्षामित्र संघ की बैठक रविवार को प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर कुमार भारती की अध्यक्षता में हुई। जिसमें शिक्षामित्रों के साथ सरकार के उपेक्षात्मक रवैये पर रोष जताया गया।
प्रंातीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। तीसरे बैच के शिक्षामित्रों को दस हजार मानदेय देने की घोषणा किया गया, लेकिन आज तक बढ़ा मानदेय नहीं मिल रहा है। सरकार शिक्षामित्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदेश में एक लाख 37 हजार समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रदद कर दिया गया, आंदोलनरत शिक्षामित्रों को मानदेय बढ़ाने का झुनझुना देकर सरकार शांत हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार समायोजित और असमायोजित शिक्षामित्रों का मानदेय तत्काल बढाए। रामबली यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों की उपेक्षा कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में दयालु, मिश्रीलाल, रविश्ंाकर, राधा देवी, कमला प्रसाद, शिवपूजन चौरसिया आदि ने सरकार की नीतियों की निंदा की। कहा कि शिक्षामित्रों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। बैठक में चंद्र किशोर, रमेश, शिवसागर, चंद्रशेखर, दिनेश, विनोद कुमार पांडेय, रामचंद्र, रीता देवी, सविता कुमारी, सुमन जायसवाल आदि मौजूद रहे।
प्रंातीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। तीसरे बैच के शिक्षामित्रों को दस हजार मानदेय देने की घोषणा किया गया, लेकिन आज तक बढ़ा मानदेय नहीं मिल रहा है। सरकार शिक्षामित्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदेश में एक लाख 37 हजार समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रदद कर दिया गया, आंदोलनरत शिक्षामित्रों को मानदेय बढ़ाने का झुनझुना देकर सरकार शांत हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार समायोजित और असमायोजित शिक्षामित्रों का मानदेय तत्काल बढाए। रामबली यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों की उपेक्षा कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में दयालु, मिश्रीलाल, रविश्ंाकर, राधा देवी, कमला प्रसाद, शिवपूजन चौरसिया आदि ने सरकार की नीतियों की निंदा की। कहा कि शिक्षामित्रों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। बैठक में चंद्र किशोर, रमेश, शिवसागर, चंद्रशेखर, दिनेश, विनोद कुमार पांडेय, रामचंद्र, रीता देवी, सविता कुमारी, सुमन जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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