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संविदा कर्मियों ने मुख्य अभियंता के कार्यालय पर किया प्रदर्शन
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:45 AM IST
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मिर्जापुर। विद्युत मजदूर पंचायत उत्तर प्रदेश के बैनर तले मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही जनपद में कार्यरत संविदा कर्मियों ने अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ मंगलवार को फतहां स्थित मुख्य अभियंता वितरण के कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पावर कार्पोरेशन से मिलने वाले संविदा कर्मियों के मानदेय का मात्र 25 प्रतिशत हिस्सा दिया जा रहा है तो पूरी तरह से गलत है। चेताया कि जल्द की पूरे मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
धरने के दौरान प्रांतीय अतिरिक्त महामंत्री डा. आरबी सिंह ने कहा कि संविदा मजदूरों के लिए पावर कार्पोरेशन द्वारा वेतन भुगतान हेतु स्पष्ट निर्देश है कि संविदा कर्मियों के सीधे उनके खाते में आरटीजीएस द्वारा भुगतान किया जाए। सभी कर्मियों के वेतन से 12 प्रतिशत ईपीएफ की कटौती करके उतना ही धनराशि ठेकेदार अपना हिस्सा मिला कर प्रतिमाह 21 तारीख तक भविष्य निधि कार्यालय में जमा करेगा। सभी कर्मियों को ईएसआई से आवरित कर पूरे परिवार को संपूर्ण स्वास्थ्य की सुविधा प्रदान किया जाए, लेकिन यह बड़ी दुखद बात है कि ठेकेदार न तो प्रतिमाह पूर्ण वेतन आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं न ही ईपीएफ एवं ईएसआई का ही पैसा जमा कर रहे हैं। यहां तक कि न तो टीएंडपी एवं आई कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। टी एंड पी के अभाव में संविदा कर्मी विद्युत दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वक्ताओं ने बताया कि पावर कार्पोरेशन के खजाने से संविदा कर्मियों को प्रतिमाह लगभग 12 हजार रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है लेकिन ठेकेदार अधिकारियों से मिलीभगत कर दो से तीन माह पर मात्र छह हजार रुपये का ही भुगतान संविदा कर्मियों को किया जा रहा है। वक्ताओं ने मुख्य अभियंता को चेतावनी दिया कि यदि एक सप्ताह के अंदर संविदा कर्मियों को पावर कार्पोरेशन द्वारा निर्धारित पूरा भुगतान नहीं किया जाता है तो सरकारी खजाने से निकाली गई धनराशि एवं संविदा कर्मियों को मिले धनराशि का अंतर निकाल कर ठेकेदार एवं अधिशासी अभियंताओं तथा मुख्य अभियंता पर सरकारी धन के लूट का प्राथमिकी दर्ज कराया जाए। धरने की अध्यक्षता सुभाष सिंह तथा संचालन जीऊत लाल ने किया। इस दौरान आरके वाही, ओपी सिंह, सयैद, सरफराज अली, अंकुर पांडेय, राघवेंद्र गोस्वामी, केपी दूबे, मुराज अली, विनोद अभिषेक, रामवचन, सुरेंद् चंद्र, रामचंद्र, आदि शामिल रहे।
धरने के दौरान प्रांतीय अतिरिक्त महामंत्री डा. आरबी सिंह ने कहा कि संविदा मजदूरों के लिए पावर कार्पोरेशन द्वारा वेतन भुगतान हेतु स्पष्ट निर्देश है कि संविदा कर्मियों के सीधे उनके खाते में आरटीजीएस द्वारा भुगतान किया जाए। सभी कर्मियों के वेतन से 12 प्रतिशत ईपीएफ की कटौती करके उतना ही धनराशि ठेकेदार अपना हिस्सा मिला कर प्रतिमाह 21 तारीख तक भविष्य निधि कार्यालय में जमा करेगा। सभी कर्मियों को ईएसआई से आवरित कर पूरे परिवार को संपूर्ण स्वास्थ्य की सुविधा प्रदान किया जाए, लेकिन यह बड़ी दुखद बात है कि ठेकेदार न तो प्रतिमाह पूर्ण वेतन आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं न ही ईपीएफ एवं ईएसआई का ही पैसा जमा कर रहे हैं। यहां तक कि न तो टीएंडपी एवं आई कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। टी एंड पी के अभाव में संविदा कर्मी विद्युत दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वक्ताओं ने बताया कि पावर कार्पोरेशन के खजाने से संविदा कर्मियों को प्रतिमाह लगभग 12 हजार रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है लेकिन ठेकेदार अधिकारियों से मिलीभगत कर दो से तीन माह पर मात्र छह हजार रुपये का ही भुगतान संविदा कर्मियों को किया जा रहा है। वक्ताओं ने मुख्य अभियंता को चेतावनी दिया कि यदि एक सप्ताह के अंदर संविदा कर्मियों को पावर कार्पोरेशन द्वारा निर्धारित पूरा भुगतान नहीं किया जाता है तो सरकारी खजाने से निकाली गई धनराशि एवं संविदा कर्मियों को मिले धनराशि का अंतर निकाल कर ठेकेदार एवं अधिशासी अभियंताओं तथा मुख्य अभियंता पर सरकारी धन के लूट का प्राथमिकी दर्ज कराया जाए। धरने की अध्यक्षता सुभाष सिंह तथा संचालन जीऊत लाल ने किया। इस दौरान आरके वाही, ओपी सिंह, सयैद, सरफराज अली, अंकुर पांडेय, राघवेंद्र गोस्वामी, केपी दूबे, मुराज अली, विनोद अभिषेक, रामवचन, सुरेंद् चंद्र, रामचंद्र, आदि शामिल रहे।
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