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Mirzapur News: लीकेज मरम्मत के नाम पर 48 लाख खर्च फिर भी बर्बाद हो रहा पानी

Mon, 05 Jan 2026 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:05 AM IST
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48 lakh rupees spent in the name of leakage repair, yet water is being wasted
गरई सूलूस से हो रहा पानी का रिसाव।-संवाद। - फोटो : जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।
अदलहाट। अहरौरा बांध में लीकेज मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिया गया। इसके बाद भी पानी रुकना बंद नहीं हुआ। हर मिनट भारी मात्रा में बांध का पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। यहीं स्थिति बनी रही तो आगामी जून में हर घर जल से नल योजना के तहत 61 गांवों को पीने के लिए शुद्ध जल की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।
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सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के उद्देश्य से अहरौरा बांध का निर्माण हुआ है। लोगों का कहना है कि बांध के गरई सुलूस के गेट में हुए लीकेज से लगातार पानी बर्बाद हो रहा है। लीकेज मरम्मत और पानी रोकने के लिए भारतीय किसान यूनियन व क्षेत्रीय ग्रामीणों ने कई दिनों तक अहरौरा बांध पर धरना दिया था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने लीकेज की मरम्मत कराकर बांध से पानी बहना बंद बताकर 22 नवंबर 2025 को धरना समाप्त कराया था। किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह ने बताया कि बांध के गरई नदी सुलूस के मेन गेट के लीकेज की मरम्मत में लगभग 48 लाख और मेन कैनाल अहरौरा के गेट की मरम्मत में लगभग 4 लाख रुपए खर्च हुए हैं। बावजूद इसके पानी का रिसाव हो रहा है। किसानों का कहना है कि लगातार पानी बहने से बांध खाली हो जाएगा तो गर्मी में हर घर नल हर घर जल योजना भी प्रभावित हो सकती है। मानसून में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बांध के निरीक्षण के दौरान यह निर्देश दिया था कि बांध के पानी का लेवल बरकरार रखा जाय। जब तक पानी ओवर फ्लो न हो बांध के फाटक किसी भी दशा में न खोले जाएं। अब जिलाधिकारी का आदेश निर्देश भी तार तार हो रहा है। दूसरी तरफ नाम न छापने के शर्त पर किसानों ने यह बताया कि मछली मारने और बांध में खेती-किसानी करने वाले जान बूझकर बांध का पानी बहा रहे हैं। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड चुनार हरिशंकर प्रसाद का कहना है कि अभी पिछले जून में गरई नदी सुलुस में गेट लगवाने के साथ ही अन्य मरम्मत कार्य कराया गया है। बांध में पानी भरा है तो उसके नीचे से थोड़ा बहुत पानी का रिसाव स्वाभाविक है।
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