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Mirzapur News: भरत मिलाप में निकली 25 झांकियां, श्रीराम के उद्घोष से गूंजा तिलठी
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तिलठी में भरत मिलाप में राम-दरबार की झांकी।- सोशल मीडिया।
तीन किमी तक सजा मेला, राम-भरत मिलाप देख भावविभोर हुए श्रद्धालु, लाखों की संख्या में उमड़ी भीड़
चेतगंज। तिलठी गांव में शरद पूर्णिमा पर श्रीराम-भरत मिलाप मेले में रविवार शाम से सोमवार सुबह तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। चार बजे भोर से 25 झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा मेले का मुख्य आकर्षण रही। तिलठी चौराहे पर मां सीता सहित चारों भाइयों का मिलन देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित मेले में चील्ह-गोपीगंज मार्ग पर पटेहरा मोड़ से श्रीपट्टी गांव के तीन किलोमीटर क्षेत्र को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। जगह-जगह नृत्य-संगीत के कार्यक्रम हुए। मेले में मिर्जापुर के अलावा भदोही और वाराणसी से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। युवाओं ने चाट-गोलगप्पे का आनंद लिया। तो बच्चों ने खिलौने और गुब्बारे खरीदे। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन, मिठाइयों और गृहस्थी के सामान की खरीदारी की।
शोभायात्रा में रामदरबार, शिवाजी, महाराणा प्रताप, कृष्ण-अर्जुन, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, मां दुर्गा, हनुमान जी, मेघनाथ यज्ञ और अंगद-रावण संवाद सहित करीब 25 झांकियां शामिल रहीं। श्रीपट्टी गांव तक जाने के बाद शोभायात्रा वापस रामलीला मैदान पहुंची। तिलठी चौराहे पर राम-भरत मिलाप और रामदरबार की आरती के बाद मेले का समापन हुआ। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चील्ह थाना प्रभारी भरत उपाध्याय और चेतगंज चौकी प्रभारी राकेश राय पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल के साथ गश्त करते रहे। चील्ह चौराहे और चेतगंज चौकी पर बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों का आवागमन रोका गया था। संचालन राजनाथ चौबे ने किया। आयोजन में रुद्रप्रसाद उपाध्याय, आशुतोष उपाध्याय, चंदन मिश्रा, राजन दुबे, अंबरीश दुबे, मणिकांत दुबे, कृष्ण यादव सहित अन्य का सहयोग रहा।
राम वन गमन का मंचन देखकर भावुक हुए दर्शक
जिगना। सरस्वती रामलीला समिति सिहौली की ओर से रामलीला मैदान में राम वन गमन प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया। राम के राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने राजा दशरथ से राम के लिए 14 वर्ष का वनवास और भरत के लिए राजतिलक का वचन मांग लिया। राजा दशरथ के लाख समझाने के बावजूद कैकेयी फैसले पर अडिग रहीं। वनवास की जानकारी मिलने पर सीता और लक्ष्मण भी राम के साथ चलने को तैयार हो गए। पिता दशरथ की व्याकुल अवस्था देखकर राम ने माता कैकेयी से वनवास का कारण पूछा। सच्चाई जानने के बाद पिता के वचन का पालन करने की बात कही। राम ने कहा कि माता-पिता का आदेश मानना उनका कर्तव्य है। राम के वन जाने की खबर सुनकर नगर में शोक छा गया। राम की भूमिका सौर्य, लक्ष्मण की आकाश तिवारी, दशरथ की उदय तिवारी, सुमंत की विनय दुबे, कैकेयी की राजेश कुमार, मंथरा की कालू गुरु और वशिष्ठ की आनंद नाथ ने निभाई।
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चेतगंज। तिलठी गांव में शरद पूर्णिमा पर श्रीराम-भरत मिलाप मेले में रविवार शाम से सोमवार सुबह तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। चार बजे भोर से 25 झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा मेले का मुख्य आकर्षण रही। तिलठी चौराहे पर मां सीता सहित चारों भाइयों का मिलन देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित मेले में चील्ह-गोपीगंज मार्ग पर पटेहरा मोड़ से श्रीपट्टी गांव के तीन किलोमीटर क्षेत्र को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। जगह-जगह नृत्य-संगीत के कार्यक्रम हुए। मेले में मिर्जापुर के अलावा भदोही और वाराणसी से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। युवाओं ने चाट-गोलगप्पे का आनंद लिया। तो बच्चों ने खिलौने और गुब्बारे खरीदे। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन, मिठाइयों और गृहस्थी के सामान की खरीदारी की।
शोभायात्रा में रामदरबार, शिवाजी, महाराणा प्रताप, कृष्ण-अर्जुन, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, मां दुर्गा, हनुमान जी, मेघनाथ यज्ञ और अंगद-रावण संवाद सहित करीब 25 झांकियां शामिल रहीं। श्रीपट्टी गांव तक जाने के बाद शोभायात्रा वापस रामलीला मैदान पहुंची। तिलठी चौराहे पर राम-भरत मिलाप और रामदरबार की आरती के बाद मेले का समापन हुआ। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चील्ह थाना प्रभारी भरत उपाध्याय और चेतगंज चौकी प्रभारी राकेश राय पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल के साथ गश्त करते रहे। चील्ह चौराहे और चेतगंज चौकी पर बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों का आवागमन रोका गया था। संचालन राजनाथ चौबे ने किया। आयोजन में रुद्रप्रसाद उपाध्याय, आशुतोष उपाध्याय, चंदन मिश्रा, राजन दुबे, अंबरीश दुबे, मणिकांत दुबे, कृष्ण यादव सहित अन्य का सहयोग रहा।
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राम वन गमन का मंचन देखकर भावुक हुए दर्शक
जिगना। सरस्वती रामलीला समिति सिहौली की ओर से रामलीला मैदान में राम वन गमन प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया। राम के राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने राजा दशरथ से राम के लिए 14 वर्ष का वनवास और भरत के लिए राजतिलक का वचन मांग लिया। राजा दशरथ के लाख समझाने के बावजूद कैकेयी फैसले पर अडिग रहीं। वनवास की जानकारी मिलने पर सीता और लक्ष्मण भी राम के साथ चलने को तैयार हो गए। पिता दशरथ की व्याकुल अवस्था देखकर राम ने माता कैकेयी से वनवास का कारण पूछा। सच्चाई जानने के बाद पिता के वचन का पालन करने की बात कही। राम ने कहा कि माता-पिता का आदेश मानना उनका कर्तव्य है। राम के वन जाने की खबर सुनकर नगर में शोक छा गया। राम की भूमिका सौर्य, लक्ष्मण की आकाश तिवारी, दशरथ की उदय तिवारी, सुमंत की विनय दुबे, कैकेयी की राजेश कुमार, मंथरा की कालू गुरु और वशिष्ठ की आनंद नाथ ने निभाई।

तिलठी में भरत मिलाप में राम-दरबार की झांकी।- सोशल मीडिया।

तिलठी में भरत मिलाप में राम-दरबार की झांकी।- सोशल मीडिया।
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