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पवित्र मन से कथा श्रवण करने वाला भवसागर से पार हो जाता है
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:06 AM IST
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जमालपुर। तेतरियां कला गांव के हनुमान मंदिर में रामकथा के पहले दिन नीरजानंद शास्त्री ने कहा कि पवित्र मन से कथा श्रवण से ही व्यक्ति भवसागर के पार हो सकता है। संसार में दो प्रकार के मानसरोवर हैं। भौगोलिक मानसरोवर हिमालय पर है और आध्यात्मिक वहां जहां रामकथा होती है। कथा नौ दिनों तक चलेगी।
उन्होंने कहा कि भौगोलिक मानसरोवर में गोता पर मनुष्य की मृत्य हो सकती है लेकिन आध्यात्मिक मानसरोवर में गोता लगाने वाला मुक्त होता है। वह भवसागर पार कर जाता है। मनुष्य को कथा का श्रवण एकाग्र चित्त होकर करना चाहिए। भौगोलिक एवं आध्यात्मिक दोनों ही मानसरोवरों में गोता लगाते समय पहाड़, जंगल एवं नदी मिलते हैं। कथा का रसपान करने मे दुनिया का जंजाल पहाड़ बन कर खड़ा हो जाता है। कुछ लोग अपने अभिमान के कारण कथा का श्रवण करने नही आते हैं। कुछ कथा सुनकर कुतर्क करते हैं। मनुष्य को अभिमान, अहंकार त्याग कर सच्चे मन से कथा का रसपान करना चाहिए। आरंभ में संगीतमय रामकथा का शुभारंभ मंगलवार की शाम चुनार विधायक अनुराग सिंह ने मानस पर माल्यार्पण कर किया। आयोजक ज्ञान सिंह, जगदीश रॉय, विजेंद्र त्रिपाठी, मंगला सिंह, आलोक सिंह, अशोक पाठक, उदयनाथ त्रिपाठी, अशोक दी्िषत, जितेंद्र त्रिपाठी, सारनाथ त्रिपाठी, रामेश्वर त्रिपाठी, भुवनेश्वरबत्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि भौगोलिक मानसरोवर में गोता पर मनुष्य की मृत्य हो सकती है लेकिन आध्यात्मिक मानसरोवर में गोता लगाने वाला मुक्त होता है। वह भवसागर पार कर जाता है। मनुष्य को कथा का श्रवण एकाग्र चित्त होकर करना चाहिए। भौगोलिक एवं आध्यात्मिक दोनों ही मानसरोवरों में गोता लगाते समय पहाड़, जंगल एवं नदी मिलते हैं। कथा का रसपान करने मे दुनिया का जंजाल पहाड़ बन कर खड़ा हो जाता है। कुछ लोग अपने अभिमान के कारण कथा का श्रवण करने नही आते हैं। कुछ कथा सुनकर कुतर्क करते हैं। मनुष्य को अभिमान, अहंकार त्याग कर सच्चे मन से कथा का रसपान करना चाहिए। आरंभ में संगीतमय रामकथा का शुभारंभ मंगलवार की शाम चुनार विधायक अनुराग सिंह ने मानस पर माल्यार्पण कर किया। आयोजक ज्ञान सिंह, जगदीश रॉय, विजेंद्र त्रिपाठी, मंगला सिंह, आलोक सिंह, अशोक पाठक, उदयनाथ त्रिपाठी, अशोक दी्िषत, जितेंद्र त्रिपाठी, सारनाथ त्रिपाठी, रामेश्वर त्रिपाठी, भुवनेश्वरबत्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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