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ला इलाज बिजली व्यवस्था से जूझ रहे ग्रामीण
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:23 AM IST
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पड़री। विकास खंड पहाड़ी में महज चार से छह घंटे ही विद्युत आपूर्ति हो पा रही है। क्षेत्र में तीन दशक पूर्व खींचे गए तार जर्जर हो चुके हैं। तार टूटने से अक्सर विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है और कई बार तो हादसे भी हो चुके हैं।
विकास खंड पहाड़ी के विद्युत सब स्टेशन पड़री और अकसौली फीडर से जुड़े 46 ग्राम पंचायत के छोटे बड़े लगभग 400 गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। पड़री उपकेंद्र का लोकार्पण 1996 में तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल वोरा ने किया था। मगर लाइनों और सब स्टेशन का ठीक से रखरखाव नहीं किया गया। इससे तार और पोल जर्जर हो चुके हैं। अक्सर तार टूटते रहते हैं और विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है। कब फाल्ट हो जाएगी, कहा नहीं जा सकता है। नतीजतन इलाके में औसतन चार से छह घंटे रोजाना बिजली मिल रही है। तार टूटने से हादसे भी होते हैं। क्षेत्रीय नागरिक जर्जर तारों को बदलने के लिए बिजली विभाग के अफसरों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं। आंदोलन भी हुए लेकिन कुछ नहीं हुआ। भरपूर बिजली नहीं मिलने के कारण कनौरा और रामनगर सिकरी में लगे पंप कैनाल नहीं चल पा रहे हैं, जिससे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। अवर अभियंता राजकुमार सोनकर तार और दूसरे उपकरण पुराने हो चुके हैं। उन्हें बदलने के लिए मांग की गई है। मिलते ही इनको बदला जाएगा।
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