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कृषकों की फसलों को तहस-नहस कर दे रहे छुट्टा पशु
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:39 AM IST
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शेरवां। विकास खंड जमालपुर के किसान इन दिनों छुट्टा पशुओं के उत्पात से खासे परेशान नजर आ रहे हैं। छुट्टा पशु बेरोकटोक किसानों के खेतों में चले जा रहे हैं और फसलों को तहस-नहस कर बर्बाद कर दे रहे हैं, जिससे कृषकों को भारी क्षति का सामना करना पड़ रहा है। छुट्टा पशु खेतों में डाली गई धान की नर्सरी एवं गन्ने की खेती समेत चरी-बाजरे के साथ-साथ सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। छुट्टा पशुओं पर अंकुश नहीं लगाने से किसानों को क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि वर्षों पूर्व क्षेत्र में आवारा छुट्टा पशुओं को रोकने के लिए कांजी हाउस खोला गया था, जो अब बंद हो गया हैं, जिससे छुट्टा पशु फसलों को बर्बाद कर किसानों को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं। पुलिस भी जब हत्या के लिए जा रहे बछडों को पकड़ कर थाने लाती है तो कुछ दिनों के लिए क्षेत्र के पशुपालको को सुपुर्द कर देते हैं और चंद दिनों बाद पशुपालक पशुओं को लावा िरस हालत में छोड़ देते हैं, जो अब किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस द्वारा पकड़े गए जिन पशुओं को पशुपालक पालने से इंकार कर देते हैं, उन पशुओं को पुलिस शेरवां, अहरौरा, सिकारगंज के पहाडों जंगलों में छोडवा देती है, जो कुछ दिनों बाद जंगल पहाड़ के रास्ते से फसली इलाकों में आकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही है, जिससे किसानों में आक्रोश है। क्षेत्र के किसानो ने मांग किया है कि लावारिस हालत में घूम रहे पशुओं, बछडों, साड़ों को सुरक्षित रखने के लिए पुरानी ब्यवस्था कांजी हाउस की बहाली की मांग की है, जिससे फसलों के नष्ट होने से बचाया जाए। क्षेत्र के किसान गौरव सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, आनंद माघव सिंह, आलोक श्रीवास्तव, गोपाल सिंह, अवनिश पटेल, भृगु नाथ सिंह, आदि किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ब्लॉक स्तर पर कांजी हाउस की स्थापना की मांग की है।
बता दें कि वर्षों पूर्व क्षेत्र में आवारा छुट्टा पशुओं को रोकने के लिए कांजी हाउस खोला गया था, जो अब बंद हो गया हैं, जिससे छुट्टा पशु फसलों को बर्बाद कर किसानों को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं। पुलिस भी जब हत्या के लिए जा रहे बछडों को पकड़ कर थाने लाती है तो कुछ दिनों के लिए क्षेत्र के पशुपालको को सुपुर्द कर देते हैं और चंद दिनों बाद पशुपालक पशुओं को लावा िरस हालत में छोड़ देते हैं, जो अब किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस द्वारा पकड़े गए जिन पशुओं को पशुपालक पालने से इंकार कर देते हैं, उन पशुओं को पुलिस शेरवां, अहरौरा, सिकारगंज के पहाडों जंगलों में छोडवा देती है, जो कुछ दिनों बाद जंगल पहाड़ के रास्ते से फसली इलाकों में आकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही है, जिससे किसानों में आक्रोश है। क्षेत्र के किसानो ने मांग किया है कि लावारिस हालत में घूम रहे पशुओं, बछडों, साड़ों को सुरक्षित रखने के लिए पुरानी ब्यवस्था कांजी हाउस की बहाली की मांग की है, जिससे फसलों के नष्ट होने से बचाया जाए। क्षेत्र के किसान गौरव सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, आनंद माघव सिंह, आलोक श्रीवास्तव, गोपाल सिंह, अवनिश पटेल, भृगु नाथ सिंह, आदि किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ब्लॉक स्तर पर कांजी हाउस की स्थापना की मांग की है।
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