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जीएसटी लागू होने के एक वर्ष बाद भी फंसा बीस हजार करोड़
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:30 PM IST
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते व्यापारी
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मिर्जापुर। जीएसटी लागू हुए एक साल हो गए लेकिन व्यापारियों के खाते में अभी तक रिफंड की धनराशि नहीं भेजी गई है। इसको और जीएसटी में व्याप्त विसंगतियों को लेकर नाराज व्यापारियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष व नगर अध्यक्ष शत्रुघ्न केशरी के नेतृत्व में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद सभा में शत्रुघ्न केशरी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के एक वर्ष बाद भी व्यापारियों के आईटीसी रिफंड की लगभग बीस हजार करोड़ की धनराशि उनके खाते में वापस नहीं आई। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की पूंजी फंसने के कारण उनका व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कहा कि व्यापारियों को प्रत्येक माह आईटीसी रिफंड मिलना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र अग्रहरि ने कहा कि जीएसटी अधिकारी आज भी ई-वे बिल की कापी ना होने पर व्यापारियों का आर्थिक दोहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो मई 2018 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने एक व्यापारी के वाद के क्रम में आदेश दिया था कि कि ई-वे बिल की फिजिकल कापी न रहने पर भी माल की जब्ती नहीं होगी। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने फिजिकल कापी नहीं होने पर किए जा रहे शोषण को बंद करने की मांग की। इस अवसर पर आलोक जायसवाल, संजय सिंह गहरवार, अनिल अग्रवाल, मनोज जैन, मोहन लाल सोनी, प्रदीप गुप्ता, संजय कपूर, अनुराग जायसवाल, अंकित मिश्र, रामबाबू कसेरा, अहमद अली, शुभम अग्रहरी, राहुल बरनवाल, अजीत साहू, दीपू जायसवाल, अनुज उमर आदि मौजूद रहे।
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जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद सभा में शत्रुघ्न केशरी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के एक वर्ष बाद भी व्यापारियों के आईटीसी रिफंड की लगभग बीस हजार करोड़ की धनराशि उनके खाते में वापस नहीं आई। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की पूंजी फंसने के कारण उनका व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कहा कि व्यापारियों को प्रत्येक माह आईटीसी रिफंड मिलना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र अग्रहरि ने कहा कि जीएसटी अधिकारी आज भी ई-वे बिल की कापी ना होने पर व्यापारियों का आर्थिक दोहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो मई 2018 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने एक व्यापारी के वाद के क्रम में आदेश दिया था कि कि ई-वे बिल की फिजिकल कापी न रहने पर भी माल की जब्ती नहीं होगी। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने फिजिकल कापी नहीं होने पर किए जा रहे शोषण को बंद करने की मांग की। इस अवसर पर आलोक जायसवाल, संजय सिंह गहरवार, अनिल अग्रवाल, मनोज जैन, मोहन लाल सोनी, प्रदीप गुप्ता, संजय कपूर, अनुराग जायसवाल, अंकित मिश्र, रामबाबू कसेरा, अहमद अली, शुभम अग्रहरी, राहुल बरनवाल, अजीत साहू, दीपू जायसवाल, अनुज उमर आदि मौजूद रहे।
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