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जलाभिषेक के लिए शिवालयों में लगा भक्तों का तांता
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:43 AM IST
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शिव के जलाभिषेक के लिए भीड़
झमाझम बारिश के बीच भक्तों ने किया दर्शन पूजन
गंगा घाटों से जल उठा कर कांवरिये शिवद्वार रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। सावन मास के पहले ही दिन सोमवार पड़ने के कारण विन्ध्यनगरी शिवमय नजर आई। सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धाभाव से बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक किया तो भगवान इंद्र भी सुबह से ही बारिश की बूंदों से बाबा के जलाभिषेक के लिए आतुर दिखे। झमाझम बारिश के बीच शिवालयों में ओम नम:शिवाय की गूंज सुनने को मिली।
सावन के प्रथम सोमवार को नगर के रामबाग स्थित तारकेश्वर महादेव, बरिया घाट पर पंचमुखी महादेव, बूढेनाथ महादेव, विन्ध्याचल शिवपुर में रामेश्ववर, गंगेश्वर महादेव मंदिरों में दिन भर भक्तों का रेला लगा रहा। धूप, अगरबत्ती, पान, सुपारी, भांग, धतूरा, बेलपत्र और मंदार माला के साथ भक्त बाबा का अभिषेक करने के लिए पंक्तिबद्ध रहे। गंगा घाटों से जल उठा कर लोग महादेव का जलाभिषेक करने भी पहुंचे थे। कांवरिये बरिया घाट और पक्के घाट से जल उठा कर कांवर लेकर सोनभद्र में शिवद्वार की ओर रवाना हुए। शिवालयों के बाहर मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। मंदिरों में पहुंच कर शिवलिंगों पर पर जलाभिषेक के बाद लोगों ने विधिवत आरती पूजन किया। विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर भी माला फूल चढ़ाया गया। कई घरों में सावन मास के प्रथम सोमवार को ही महामृत्युंजय का जाप और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। बूढ़ेनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का क्रम शुरु हो गया था। यही स्थिति बरिया घाट स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर और रामबाग के तारकेश्वर महादेव मंदिर में देखने को मिला। दर्शन पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। अधिकांश लोगों ने सावन के पहले सोमवार को व्रत धारण किया। सावन के सोमवार को देखते हुए फल फूल रोजाना की अपेक्षा मंहगे बिके। विन्ध्याचल में गंगा से जल भरने के बाद लोगों ने शिवालयों में और मां के मंदिर के आसपास स्थित शिवलिंगों पर जल अर्पण किया। मां के दर्शन के लिए भी लंबी लाइन लगी रही।
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शिव के जलाभिषेक के लिए भीड़
झमाझम बारिश के बीच भक्तों ने किया दर्शन पूजन
गंगा घाटों से जल उठा कर कांवरिये शिवद्वार रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। सावन मास के पहले ही दिन सोमवार पड़ने के कारण विन्ध्यनगरी शिवमय नजर आई। सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धाभाव से बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक किया तो भगवान इंद्र भी सुबह से ही बारिश की बूंदों से बाबा के जलाभिषेक के लिए आतुर दिखे। झमाझम बारिश के बीच शिवालयों में ओम नम:शिवाय की गूंज सुनने को मिली।
सावन के प्रथम सोमवार को नगर के रामबाग स्थित तारकेश्वर महादेव, बरिया घाट पर पंचमुखी महादेव, बूढेनाथ महादेव, विन्ध्याचल शिवपुर में रामेश्ववर, गंगेश्वर महादेव मंदिरों में दिन भर भक्तों का रेला लगा रहा। धूप, अगरबत्ती, पान, सुपारी, भांग, धतूरा, बेलपत्र और मंदार माला के साथ भक्त बाबा का अभिषेक करने के लिए पंक्तिबद्ध रहे। गंगा घाटों से जल उठा कर लोग महादेव का जलाभिषेक करने भी पहुंचे थे। कांवरिये बरिया घाट और पक्के घाट से जल उठा कर कांवर लेकर सोनभद्र में शिवद्वार की ओर रवाना हुए। शिवालयों के बाहर मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। मंदिरों में पहुंच कर शिवलिंगों पर पर जलाभिषेक के बाद लोगों ने विधिवत आरती पूजन किया। विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर भी माला फूल चढ़ाया गया। कई घरों में सावन मास के प्रथम सोमवार को ही महामृत्युंजय का जाप और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। बूढ़ेनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का क्रम शुरु हो गया था। यही स्थिति बरिया घाट स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर और रामबाग के तारकेश्वर महादेव मंदिर में देखने को मिला। दर्शन पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। अधिकांश लोगों ने सावन के पहले सोमवार को व्रत धारण किया। सावन के सोमवार को देखते हुए फल फूल रोजाना की अपेक्षा मंहगे बिके। विन्ध्याचल में गंगा से जल भरने के बाद लोगों ने शिवालयों में और मां के मंदिर के आसपास स्थित शिवलिंगों पर जल अर्पण किया। मां के दर्शन के लिए भी लंबी लाइन लगी रही।
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