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वर्तमान प्रमुख के पक्ष में पड़े 11 मत, विपक्षी को
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:23 AM IST
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जमालपुर/शेरवां। विकास खंड जमालपुर के ब्लॉक सभागार में 120 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 97 की उपस्थिति में बुधवार को भारी गहमा-गहमी के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जोरदार बहस एवं कार्रवाई के बाद अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ। अविश्वास प्रस्ताव में 120 सदस्यों में से मात्र 97 सदस्य शामिल हुए, जिनमें से वर्तमान प्रमुख संजय सोनकर के पक्ष में महज 11 और विपक्षी अमित कुमार के पक्ष में 86 मत पड़े। वहीं 23 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव में भाग ही नही लिया। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बुधवार को ब्लॉक परिसर में गहमा गहमी का माहौल रहा।
ब्लॉक सभागार में प्रमुख पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव और चुनाव प्रक्रिया नोडल अधिकारी व उपजिलाधिकारी लल्लन राम की देेखरेख में बुधवार को हुई। जमालपुर में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ। बता दें कि आजादी के बाद पहली बार दलित संजय सोनकरप्र मुख बने थे, लेकिन लगभग 16 माह में ही उन्हें अविश्वास प्रस्ताव के चलते हटना पड़ा। विपक्षी खेमे ने विजय के बाद बाजार में मिठाई बांट कर और जुलूस निकाल कर जश्न मनाया। ब्लॉक मुख्यालय पर सुबह आठ बजे से ही भारी गहमा-गहमी रही। गहमागहमी के दौरान पुलिस बल ने कई बार भीड़ को हटाया। सदस्यों को अंदर प्रवेश करने के लिए पुलिसबल को काफी मशक्कत करना पड़ा। नोडल अधिकारी द्वारा सदस्यों को अंदर जाने में कड़ी जांच पड़ताल करने से एकबारगी माहौल बिगड़ने की स्थिति आई लेकिन अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप एवं जांच के बाद सदस्यों को भीतर जाने दिया गया। सदस्यों के भीतर पहुंचने के बाद अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मतदान की कार्रवाई हुई। इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी बालेश्धर दिवेदी, बीडीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी तथा सीओ मुकेश उतम और थानाध्यक्ष बृजमोहन सरोज मयफोर्स मौजूद रहे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य अमित कुमार ने प्रमुख पर आरोप लगाया कि विकास कार्यों में तमाम अनियमितता बरती गई। कहा कि प्रमुख ने कुछ खास लोगों को कार्यों को कराने का काम दिया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि प्रमुख द्वारा कराए गए कार्यों की जांच होनी चाहिए।
ब्लॉक सभागार में प्रमुख पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव और चुनाव प्रक्रिया नोडल अधिकारी व उपजिलाधिकारी लल्लन राम की देेखरेख में बुधवार को हुई। जमालपुर में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ। बता दें कि आजादी के बाद पहली बार दलित संजय सोनकरप्र मुख बने थे, लेकिन लगभग 16 माह में ही उन्हें अविश्वास प्रस्ताव के चलते हटना पड़ा। विपक्षी खेमे ने विजय के बाद बाजार में मिठाई बांट कर और जुलूस निकाल कर जश्न मनाया। ब्लॉक मुख्यालय पर सुबह आठ बजे से ही भारी गहमा-गहमी रही। गहमागहमी के दौरान पुलिस बल ने कई बार भीड़ को हटाया। सदस्यों को अंदर प्रवेश करने के लिए पुलिसबल को काफी मशक्कत करना पड़ा। नोडल अधिकारी द्वारा सदस्यों को अंदर जाने में कड़ी जांच पड़ताल करने से एकबारगी माहौल बिगड़ने की स्थिति आई लेकिन अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप एवं जांच के बाद सदस्यों को भीतर जाने दिया गया। सदस्यों के भीतर पहुंचने के बाद अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मतदान की कार्रवाई हुई। इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी बालेश्धर दिवेदी, बीडीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी तथा सीओ मुकेश उतम और थानाध्यक्ष बृजमोहन सरोज मयफोर्स मौजूद रहे।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य अमित कुमार ने प्रमुख पर आरोप लगाया कि विकास कार्यों में तमाम अनियमितता बरती गई। कहा कि प्रमुख ने कुछ खास लोगों को कार्यों को कराने का काम दिया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि प्रमुख द्वारा कराए गए कार्यों की जांच होनी चाहिए।
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