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मिट्टी की सेहत सुधारे किसान, तभी बढ़ेगी उपज
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:44 PM IST
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मिर्जापुर। उप निदेशक कृषि डा. अशोक उपाध्याय के निर्देशन में सिटी ब्लॉक में विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की सेहत सुधारने पर बल दिया गया। उप निदेशक कृषि ने कहा कि मिट्टी की सेहत दुरुस्त रहने पर ही अच्छी पैदावार भी मिलेगी। मिट्टी की सेहत सुधारने पर सरकार विशेष बल दे रही है जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सके। कहा कि किसानों के लिए सरकार द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना चलायी जा रही है। किसान इसका लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि जनपद में वर्ष बीते वित्तीय वर्ष में 22 हजार 909 मृदा नमूना एकत्रित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसको पूरा किया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण में दो लाख 29 हजार 990 कार्ड किसानों को वितरण किया गया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण अभियान के तहत द्वितीय चरण का अभियान दिनांक 27 एवं 28 अप्रैल को आयोजित किया गया है। इसमें जनपद में एक लाख 36 हजार 387 मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जाना है। मृदा नमूना का संग्रह ग्रिड के आधार पर करते हुए जनपद के सभी किसानों को उनके खेत की मृदा के पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी एवं मृदा परीक्षण के आधार पर सही उर्वरकों को सही मात्रा के प्रयोग हेतु बताया गया। संतुलित एवं उचित कार्बनिक खादों, रसायनिक उर्वरकों, जैव उर्वरक तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैविक खादों का अधिक प्रयोग करने की सलाह किसानों को दी गई।
उप कृषि निदेशक डा. अशोक उपाध्याय ने कहा कि किसान फसल अवशेषों को खेतों में नहीं जलाएं, फसल अवशेेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। जिससे श्वांस संबंधित बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है एवं जलवायु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन भी प्रभावित होती है। मिट्टी का कार्बन जलकर नष्ट हो जाने से उस भूमि में कोई भी फसल उगाना एवं उत्पादन करना संभव नहीं होता है।
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उन्होंने कहा कि जनपद में वर्ष बीते वित्तीय वर्ष में 22 हजार 909 मृदा नमूना एकत्रित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसको पूरा किया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण में दो लाख 29 हजार 990 कार्ड किसानों को वितरण किया गया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण अभियान के तहत द्वितीय चरण का अभियान दिनांक 27 एवं 28 अप्रैल को आयोजित किया गया है। इसमें जनपद में एक लाख 36 हजार 387 मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जाना है। मृदा नमूना का संग्रह ग्रिड के आधार पर करते हुए जनपद के सभी किसानों को उनके खेत की मृदा के पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी एवं मृदा परीक्षण के आधार पर सही उर्वरकों को सही मात्रा के प्रयोग हेतु बताया गया। संतुलित एवं उचित कार्बनिक खादों, रसायनिक उर्वरकों, जैव उर्वरक तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैविक खादों का अधिक प्रयोग करने की सलाह किसानों को दी गई।
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उप कृषि निदेशक डा. अशोक उपाध्याय ने कहा कि किसान फसल अवशेषों को खेतों में नहीं जलाएं, फसल अवशेेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। जिससे श्वांस संबंधित बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है एवं जलवायु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन भी प्रभावित होती है। मिट्टी का कार्बन जलकर नष्ट हो जाने से उस भूमि में कोई भी फसल उगाना एवं उत्पादन करना संभव नहीं होता है।
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