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आईवीआरएस पर सूचना नही देना पड़ा महंगा
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:08 AM IST
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मिर्जापुर। मध्याह्न भोजन की सूचना मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के इंटरएक्टिव वायस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) पर नहीं देने को लापरवाही मानते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने जिले के 450 एमडीएम प्रभारियों का वेतन रोका है। साथ ही इन प्रभारियों से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। बीएसए की लगातार कार्रवाई से एमडीएम प्रभारियों में हड़कंप मच गया है। इससे पहले सूचना नहीं देने पर 222 प्रभारियों का वेतन रोका गया था।
जनपद के 2292 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को दोपहर का भोजन बनवाया जा रहा है। इसकी निगरानी शासन नियमित की जा रही है। इसके लिए विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन वितरण की सूचना नियमित प्राधिकरण के आईवीआरएस पर दी जाती है। आईवीआरएस पर 18 जनवरी को 157, 19 जनवरी को 144 और 20 जनवरी को 149 सहित कुल 450 एमडीएम प्रभारियों ने सूचना नहीं दी जिससे शासन को एमडीएम वितरण की सूचना नहीं मिल पाई। इससे यह प्रतीत होता है कि इन विद्यालयों में निर्धारित तिथियों में भोजन नहीं बनाया गया या उन विद्यालयों के प्रभारियों ने लापरवाही बरतते हुए सूचना नहीं दी। इसको गंभीरता ले लेते हुए जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे ने बीएसए को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए ने आईवीआरएस पर सूचना नहीं देने वाले 450 स्कूलों के प्रभारियों व प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकते हुए उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इससे पहले 222 एमडीएम प्रभारियों का वेतन रोका गया था। इस महीने में अबतक कुल 672 मध्याह्न भोजन प्रभारियों का वेतन रोका गया है। इस कार्रवाई से प्राथमिक विद्यालयों के एमडीएम प्रभारियों में हड़कंप मचा है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को चेताया गया है कि वे एमडीएम की सूचना हर हाल में आईवीआरएस पर दें अन्यथा इसे लापरवाही मानते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद के 2292 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को दोपहर का भोजन बनवाया जा रहा है। इसकी निगरानी शासन नियमित की जा रही है। इसके लिए विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन वितरण की सूचना नियमित प्राधिकरण के आईवीआरएस पर दी जाती है। आईवीआरएस पर 18 जनवरी को 157, 19 जनवरी को 144 और 20 जनवरी को 149 सहित कुल 450 एमडीएम प्रभारियों ने सूचना नहीं दी जिससे शासन को एमडीएम वितरण की सूचना नहीं मिल पाई। इससे यह प्रतीत होता है कि इन विद्यालयों में निर्धारित तिथियों में भोजन नहीं बनाया गया या उन विद्यालयों के प्रभारियों ने लापरवाही बरतते हुए सूचना नहीं दी। इसको गंभीरता ले लेते हुए जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे ने बीएसए को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए ने आईवीआरएस पर सूचना नहीं देने वाले 450 स्कूलों के प्रभारियों व प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकते हुए उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इससे पहले 222 एमडीएम प्रभारियों का वेतन रोका गया था। इस महीने में अबतक कुल 672 मध्याह्न भोजन प्रभारियों का वेतन रोका गया है। इस कार्रवाई से प्राथमिक विद्यालयों के एमडीएम प्रभारियों में हड़कंप मचा है।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को चेताया गया है कि वे एमडीएम की सूचना हर हाल में आईवीआरएस पर दें अन्यथा इसे लापरवाही मानते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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