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Mirzapur News: सड़क के लिए 12 घंटे की भूख हड़ताल लिखित आश्वासन पर टूटा
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ग्रामीणों के बीच बैठकर बात करते अधिकारी।-संवाद।
पड़री। खड़ंजाफाल से दांती गांव को जोड़ने वाली जर्जर सड़क के निर्माण की मांग के लिए ग्रामीणों की भूख हड़ताल 12 घंटे तक चली। उपजिलाधिकारी सदर महेंद्र कुमार सिंह ने एक महीने में सड़क निर्माण शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद शाम छह बजे ग्रामीणों ने अनशन समाप्त कर दिया। खड़ंजाफाल-दांती मार्ग का करीब दो किलोमीटर हिस्सा वन भूमि में आने के कारण लंबे समय से सड़क निर्माण अटका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। बरसात में कच्चा और उबड़-खाबड़ रास्ता कीचड़ व फिसलन से भर जाता है।
मरीजों को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी
दांती और आसपास के गांवों की करीब 15 हजार आबादी प्रभावित है। बारिश में गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चारपाई का सहारा लेना पड़ता है। रास्ते पर गिरने से करीब दर्जनभर लोगों के चोटिल होने की बात भी ग्रामीणों ने कही।
श्रमदान से बनाया रास्ता, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति
ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों ने श्रमदान से रास्ता तैयार किया, मगर बरसात में वह भी बदहाल हो जाता है। सड़क की मांग को लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा चुका है। सपा नेता लल्लू शुक्ला ने कहा कि ग्रामीणों की सड़क की मांग लंबे समय से लंबित है। उन्होंने आंदोलन में आगे भी साथ देने की बात कही।
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एक माह में काम शुरू कराने का आश्वासन
बुधवार शाम एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को एक माह के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नायब तहसीलदार अरविंद कुमार पांडेय, बीडीओ पहाड़ी मुनीश सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल समेत संजय पाल, रामचंद्र मौर्य, पंकज बिंद, सुनील कुमार और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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मरीजों को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी
दांती और आसपास के गांवों की करीब 15 हजार आबादी प्रभावित है। बारिश में गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चारपाई का सहारा लेना पड़ता है। रास्ते पर गिरने से करीब दर्जनभर लोगों के चोटिल होने की बात भी ग्रामीणों ने कही।
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श्रमदान से बनाया रास्ता, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति
ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों ने श्रमदान से रास्ता तैयार किया, मगर बरसात में वह भी बदहाल हो जाता है। सड़क की मांग को लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा चुका है। सपा नेता लल्लू शुक्ला ने कहा कि ग्रामीणों की सड़क की मांग लंबे समय से लंबित है। उन्होंने आंदोलन में आगे भी साथ देने की बात कही।
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एक माह में काम शुरू कराने का आश्वासन
बुधवार शाम एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को एक माह के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नायब तहसीलदार अरविंद कुमार पांडेय, बीडीओ पहाड़ी मुनीश सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल समेत संजय पाल, रामचंद्र मौर्य, पंकज बिंद, सुनील कुमार और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।