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मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों को दिया चूड़ी व फूल

Sat, 24 Mar 2018 11:07 PM IST
Updated Sat, 24 Mar 2018 11:07 PM IST
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मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों को दिया चूड़ी व फूल
मिर्जापुर। मानदेय समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलित वित्तविहीन शिक्षकों ने शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन किया। वित्तविहिन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों को लज्जित करने के लिए चूड़ी और फूल दया। विरोध प्रदर्शन के चलते मूल्यांकन का कार्य प्रभावित हो रहा है।
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के नेतृत्व में वित्तविहीन शिक्षकों ने शनिवार को तीनों मूल्यांकन केंद्र पर जाकर आंदोलन में सहयोग न कर हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाओं की कापियों का मूल्यांकन कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों को चूड़ी और फूल दिया। मंडल अध्यक्ष बुद्धि नारायण दूबे ने कहा कि सरकार वित्तविहीन शिक्षकों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। वित्तविहीन शिक्षक आरपार की लड़ाई लड़ने का मूड बना चुके हैं। जिलाध्यक्ष शरदिंदुमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों के दल ने तीनों केंद्रों पर भ्रमण मूल्यांकन का विरोध किया और मूल्यांकन में लगे वित्तविहीन शिक्षकों से सहयोग की अपील की। नगर के बीएलजे इंटर कॉलेज में कमलेश कुमार पांडेय, रामेश्वर दूबे, आलोक श्रीवास्तव, जोखन राम, जंग बहादुर सिंह, बृजेश कुमार उपाध्याय, सतीश सिंह, बेचन सिंह, प्रभात कुमार दुबे, राकेश कुमार उपाध्याय, आलोक शुक्ला, चंद्रशेखर, तारा त्रिपाठी, मंगल दत्त, प्रभाकर सिंह, अजित सिंह, दिनेश दूबे, प्रमोद पाठक, मनमोहन सिंह आदि रहे। नगर के राजस्थान इंटर कॉलेज में उदित नारायण, यज्ञ नारायण पाल, राकेश प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार दुबे, रेखा दूबे, बृजेश कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, ईष्टदेव यादव, मंगल दूबे, राजीव दूबे, राजीव रंजन, शिवेंद्र प्रताप सिंह, राकेश सिंह आदि ने प्रदर्शन किया। नगर के माता प्रसाद माता भीख इंटर कॉलेज में आत्मा त्रिपाठी, आरती सिंह, अमित विश्वकर्मा, बृजेश दूबे, शशांक उपाध्याय, अरविंद तिवारी आदि वित्तविहीन शिक्षक प्रदर्शन किया।
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा जिलाध्यक्ष शरदिंदुमणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार कापियों के मूल्यांकन में शुचिता का दावा कर रही है। वहीं नगर के मूल्यांकन केंद्रों पर बोर्ड की कापियों का मूल्यांकन अयोग्य शिक्षकों से कराया जा रहा है। अयोग्य शिक्षकों से मूल्यांकन कराकर छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
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