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एनएमसी के विरोध में निजी चिकित्सक रहे हड़ताल पर
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:01 PM IST
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मिर्जापुर। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में जिले के निजी चिकित्सक और पैथालाजिस्ट मंगलवार को हड़ताल पर रहे। निजी क्लीनिक, अस्पताल और पैथालाजी सेंटरों के बंद रहने से मरीज इलाज और जांच के लिए परेशान रहे। जांच तथा इलाज कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बंदी के चलते लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने मंडलीय अस्पताल में जाकर उपचार कराया।
नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के तहत आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक तथा यूनानी के डाक्टरों को छह महीने का कोर्स करा कर उन्हें अंग्रेजी दवा लिखने की अनुमति देने की तैयारी सरकार कर रही है। जिसके विरोध में निजी चिकित्सालय के डाक्टर, निजी पैथालॉजी के चिकित्सक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारियों आदेश पर मंगलवार की सुबह छह से शाम छह बजे तक हड़ताल पर रहे। इससे नगर के वासलीगंज, मिशन कमाउंड, विजयपुर कोठी, तहसील चौराहा, सिविल लाइन, शुक्लहा, लालडिग्गी, संगमोहाल, रोडवेज, बाजीराव कटरा, अस्पताल रोड, रामबाग, रैदानी कालोनी, गिरधर का चौराहा आदि स्थानों के चिकित्सकों ने अपनी निजी क्लीनिक, चिकित्सालय व पैथालाजी बंद कर बिल का कड़ा विरोध जताया। चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने से भीषण तरीके से पड़ रही ठंड में भी इलाज कराने पहुंचे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। कहा कि इस बिल के लागू होने से न सिर्फ लोगों के इलाज पर असर पड़ेगा बल्कि उनके जीवन के साथ भी खिलवाड़ करना होगा। इसलिए इस बिल को पास नहीं किया जाए। जिससे लोगों के इलाज पर कोई असर नहीं पड़े। बताया कि बगैर विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा किसी का इलाज कराना जान को खतरे में डालना होता है। क्यों कि उसके मरीजों को कितना डोज देना है इसके बारे में पता नहीं होता है। वह केवल दवाएं लिख देता है या अनुमान के अनुसार उसका इलाज शुरू कर देता है। इससे उसके शरीर को फायदा होने की बजाय नुकसान होता चला जाता है। उधर, कड़ाके की ठंड के चलते निजी चिकित्सालयों चिकित्सकों की हड़ताल का असर मरीजों पर कम पड़ा। पूरे दिन कोहरे के चलते मरीज कम पहुंचे।
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नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के तहत आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक तथा यूनानी के डाक्टरों को छह महीने का कोर्स करा कर उन्हें अंग्रेजी दवा लिखने की अनुमति देने की तैयारी सरकार कर रही है। जिसके विरोध में निजी चिकित्सालय के डाक्टर, निजी पैथालॉजी के चिकित्सक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारियों आदेश पर मंगलवार की सुबह छह से शाम छह बजे तक हड़ताल पर रहे। इससे नगर के वासलीगंज, मिशन कमाउंड, विजयपुर कोठी, तहसील चौराहा, सिविल लाइन, शुक्लहा, लालडिग्गी, संगमोहाल, रोडवेज, बाजीराव कटरा, अस्पताल रोड, रामबाग, रैदानी कालोनी, गिरधर का चौराहा आदि स्थानों के चिकित्सकों ने अपनी निजी क्लीनिक, चिकित्सालय व पैथालाजी बंद कर बिल का कड़ा विरोध जताया। चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने से भीषण तरीके से पड़ रही ठंड में भी इलाज कराने पहुंचे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। कहा कि इस बिल के लागू होने से न सिर्फ लोगों के इलाज पर असर पड़ेगा बल्कि उनके जीवन के साथ भी खिलवाड़ करना होगा। इसलिए इस बिल को पास नहीं किया जाए। जिससे लोगों के इलाज पर कोई असर नहीं पड़े। बताया कि बगैर विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा किसी का इलाज कराना जान को खतरे में डालना होता है। क्यों कि उसके मरीजों को कितना डोज देना है इसके बारे में पता नहीं होता है। वह केवल दवाएं लिख देता है या अनुमान के अनुसार उसका इलाज शुरू कर देता है। इससे उसके शरीर को फायदा होने की बजाय नुकसान होता चला जाता है। उधर, कड़ाके की ठंड के चलते निजी चिकित्सालयों चिकित्सकों की हड़ताल का असर मरीजों पर कम पड़ा। पूरे दिन कोहरे के चलते मरीज कम पहुंचे।
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