मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के बसही कला गांव में गोली मारकर हत्या के प्रयास के मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल जज ईसी एक्ट जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपेय के अर्थदंड से दंडित किया। क्षेत्र निवासी रमाशंकर मौर्या ने 18 जून 2011 को थाने में तहरीर देकर बताया कि वे सड़क किनारे बनी दुकान के पास सो रहे थे। तभी सलीम समेत दो अन्य निवासी बसही कला लालगंज दुकान पर आए। आहट पाकर वे उठा। तीनों ने धमकी दी कि पुलिस को सूचना देते हो और धमकी देते हुए सलीम ने तमंचे से फायर किया, जो उसके बाएं कंधे पर लगी। शोर मचाया तो सलीम के दूसरे साथी ने तमंचा निकालकर फायर किया। जो उसके सिर के पास से निकल गई।
शोर सुनकर पड़ोसी आए, तब तक सभी फरार हो गए। तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट जितेंद्र मिश्रा ने आरोपी सलीम निवासी बसही कला थाना लालगंज को दोषी पाया। जज ने आरोपी सलीम को 10 वर्ष के कारावास और पांच हजार के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अन्य धाराओं में तीन वर्ष के कारावास और तीन हजार के अर्थदंड से दंडित किया। कुल आठ हजार रुपये अर्थदंड नहीं देने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।